

अक्टूबर के आखिर से नवंबर के मध्य तक चलेगा बुध वक्री।
बातचीत, दस्तावेज और पुराने फैसलों की समीक्षा पर रहेगा जोर।
महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले तथ्यों की जांच करना जरूरी है।
When Is Budh Vakri in 2026: ज्योतिष की गणना के अनुसार, बुध 24 अक्टूबर 2026 को वक्री हुआ है और 13 नवंबर को मार्गी होगा। इस अवधि में बुध वृश्चिक राशि में वक्री माना जाता है। बता दें कि वैदिक और पश्चिमी ज्योतिष में राशि तथा ग्रहों की स्थिति की गणना अलग होती है।
ज्योतिष में बुध को बुद्धि, संवाद, व्यापार, गणना, लेखन और तकनीक से जोड़कर देखा जाता है। बुध के वक्री होने को इन क्षेत्रों से जुड़े मामलों की समीक्षा का समय माना जाता है।
ज्योतिष में बुध वक्री के दौरान किसी संदेश या बातचीत का गलत अर्थ निकाला जा सकता है। जरूरी निर्देश लिखित में रखें और महत्वपूर्ण बातों की दोबारा पुष्टि करें। इस दौरान कम्युनिकेशन को बिल्कुल साफ रखें। किसी तरह की गलतफहमी की गुंजाइश न हो, वरना रिश्तों में नोंक-झोंक हो सकती है।
नौकरी, कारोबार, बीमा या किसी समझौते से जुड़े दस्तावेजों में नाम, तारीख, राशिफल और शर्तें ध्यान से जांचें। जल्दबाजी में हस्ताक्षर करने से बचें, ताकि आगे किसी बड़ी परेशानी से बचा जा सके।
लंबे समय से अटके प्रोजेक्ट, अधूरे आवेदन और पुराने व्यावसायिक संपर्कों की समीक्षा करने के लिए इस अवधि का इस्तेमाल किया जा सकता है। लंबे समय से रुके हुए काम भी पूरे होने की संभावना है।
किसी पुरानी बात को लेकर विवाद हो तो प्रतिक्रिया देने से पहले सामने वाले की बात समझें। अनुमान लगाने के बजाय सीधे बातचीत करें। बातचीत से गलतफहमी को दूर करने की कोशिशि करें।
जरूरी फाइलों का बैकअप रखें और यात्रा या मीटिंग से जुड़े समय की पुष्टि कर लें। इससे यात्रा के बीच में आने वाली समस्या से बचे रहेंगे। बुध वक्री के दौरान नए काम शुरू न करने की सलाह दी जाती है।