Yemen Red Sea Houthi Attack: यमन के हूतियों ने बाब अल-मंडेब स्ट्रेट में मिस्र के जहाज तिहामा पर हूती हमला किया है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से शिपिंग पर हूती हमलों में मौतों का यह पहला मामला है। इस हमले में तीन पाकिस्तानियों समेत छह लोगों की मौत हुई है।
यमन की सरकार के कोस्ट गार्ड के अनुसार, यह भयानक हमला तब हुआ जब जहाज पेरिम द्वीप के उत्तर-पूर्व में लंगर डाले खड़ा था। पहले हमले के बाद जब बचाव दल वहां पहुंचा, तो उन पर दूसरा हमला किया गया, जिससे यमनी बचावकर्मियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
यमन कोस्ट गार्ड के अनुसार, इस दोहरे हमले के बाद चालक दल का जहाज पर से पूरा नियंत्रण खत्म हो गया था। दूसरे हमले में यमन की हूती-विरोधी नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज के दो बचावकर्मी मारे गए। इस हमले में कुल दस लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
घायलों में सात क्रू मेंबर, कोस्ट गार्ड के दो जवान और नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज का एक सदस्य शामिल है। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स ने बताया कि बाब अल-मंडेब में जहाज पर अज्ञात चीज से हमला हुआ था। सुरक्षा फर्म एम्ब्रे ने पुष्टि की है कि जहाज सऊदी का नहीं था।
जहाज-ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि 11 अगस्त को यह जहाज यमन के मुराद के काफी करीब था। यह पोत शनिवार को यमनी सरकार के कब्जे वाले बंदरगाह अल-मोखा से निकला था। इस जहाज का स्वामित्व और मैनेजमेंट मिस्र की कंपनियों के पास है, जो नियमों के तहत कार्य करती हैं।
20 जुलाई को हूतियों ने लाल सागर में सऊदी से जुड़े शिपिंग पर कड़े प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था, जिसे उन्होंने नाकाबंदी का बदला बताया। इसके बाद से रेड सी में सऊदी से जुड़े कुल 8 जहाजों पर हमले किए जा चुके हैं, जिनमें एनसिलिया, लायला और गजल शामिल हैं।
यमन की अंतरराष्ट्रीय सरकार ने सोमवार को कहा कि वह लगातार हूतियों के इन हमलों का कड़ा जवाब देगी। सबा न्यूज एजेंसी के अनुसार, प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन रशद अल-अलीमी ने कहा कि सरकारी सेनाएं इस नई बढ़ोतरी का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
यमन साल 2014 के आखिर से एक संघर्ष में फंसा हुआ है, जब हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा किया था। इसके बाद सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में कड़ा सैन्य हस्तक्षेप किया था।