राष्ट्रपति निकोलस मादुरो गिरफ्तार, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

सालों से बुनी जा रही थी मादुरो की गिरफ्तारी की कहानी, अब जाकर हुआ सबसे बड़ा एक्शन

US Venezuela Attack: अमेरिका लंबे समय से निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने की कोशिश में जुटा हुआ था। मार्च 2020 में उन पर ड्रग तस्करी, नार्को-आतंकवाद और आतंकी संगठनों के साथ मिलीभगत जैसे आरोप लगे थे।

अमन उपाध्याय

Nicolas Maduro Arrest News: अमेरिका ने शनिवार को वेनेजुएला में बड़ा सैन्य अभियान चलाते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई की पुष्टि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की है। ट्रंप ने कहा कि यह ऑपरेशन अमेरिका की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत किया गया है।

अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव कोई नया नहीं है। बीते कई वर्षों से अमेरिकी सरकार मादुरो पर ड्रग तस्करी और आतंकवादी संगठनों से संबंध रखने के गंभीर आरोप लगाती रही है। मार्च 2020 में अमेरिका की एक संघीय अदालत ने मादुरो समेत एक दर्जन से ज्यादा लोगों पर 'नार्को-टेररिज्म' के आरोप तय किए थे।

मादुरो पर 5 करोड़ डॉलर का था इनाम

अमेरिकी न्याय विभाग का दावा है कि मादुरो और वेनेजुएला सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी कोलंबिया के कुख्यात गुरिल्ला संगठन फार्क (FARC) के साथ मिलकर अमेरिका तक कोकीन और हथियारों की तस्करी में शामिल रहे हैं। इसी सिलसिले में मादुरो पर ‘कार्टेल डे लॉस सोल्स’ नामक आपराधिक गिरोह का नेतृत्व करने का भी आरोप लगाया गया था। ट्रंप प्रशासन ने पिछले साल इस गिरोह को विदेशी आतंकी संगठन घोषित कर दिया था। गिरफ्तारी से पहले अमेरिका ने मादुरो से जुड़ी जानकारी देने पर इनाम की राशि बढ़ाकर 5 करोड़ डॉलर कर दी थी। इस कदम से यह साफ संकेत था कि वॉशिंगटन मादुरो के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की तैयारी में है।

वेनेजुएला में जनता से शांत रहने की अपील

जमीनी हालात की बात करें तो वेनेजुएला की राजधानी कराकस में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। स्थानीय पत्रकारों के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान कई लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर उड़ते देखे गए हालांकि बीते कुछ घंटों से शहर में शांति है। लोग घरों से बाहर नहीं निकले हैं और सरकारी टीवी चैनलों पर रक्षा मंत्रालय का संदेश लगातार प्रसारित किया जा रहा है जिसमें जनता से शांत रहने की अपील की जा रही है।

अमेरिका की नीति पर कड़ा हमला

इस पूरे घटनाक्रम से कुछ दिन पहले, 31 दिसंबर 2025 को दिए अपने आखिरी इंटरव्यू में मादुरो ने अमेरिका की नीति पर कड़ा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन है।

मादुरो ने दावा किया था कि वेनेजुएला शांतिप्रिय देश है और उनका नारा है 'युद्ध को ना, शांति को हां।' अब मादुरो की गिरफ्तारी के बाद लैटिन अमेरिका समेत पूरी दुनिया की नजरें वेनेजुएला में आगे की राजनीतिक और सैन्य स्थिति पर टिकी हैं।

INDIA Alliance Protest Live: गठबंधन के सांसदों का लंच खत्म, आगे जंतर-मंतर पर धरने की तैयारी

दिल्ली के सीमापुरी इलाके में एक चार मंजिला इमारत गिरी, कई लोग मलबे में दबे

प्रदर्शन के दौरान पुलिस पहनेगी बॉडी कैमरा? दिल्ली HC के फैसले का मतलब समझें

PM Modi 25 Years of Seva Live: जनसेवा के 25 साल पूरे, सेवा संकल्प की ली शपथ, अमित शाह ने गिनाई उपलब्धियां

देवभूमि से बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद: PM मोदी के 25 साल के बेमिसाल सफर पर CM धामी ने की दीर्घायु होने की कामना