ताइवान की विपक्षी नेता से मिले शी जिनपिंग (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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ताइवान में कुछ बड़ा करने वाले है चीन! जिनपिंग ने की विपक्षी नेता से सीक्रेट मीटिंग, बोले- आजादी चाहने वालों को

China News: बीजिंग में शी जिनपिंग और ताइवान की विपक्षी नेता चेंग ली-वुन के बीच ऐतिहासिक मुलाकात हुई। जिनपिंग ने 'एक परिवार' का राग अलापते हुए ताइवान के साथ एकजुटता पर जोर दिया है।

अक्षय साहू

Xi Jinping Meet Taiwan's Opposition Leader: चीन और ताइवान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक अहम कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (XI Jinping) ने बीजिंग में ताइवान की विपक्षी पार्टी कुओमिन्तांग (KMT) की नेता चेंग ली-वुन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ताइवान को लेकर चीन के पुराने रुख को दोहराते हुए ‘एकजुटता’ और ‘एक परिवार’ की बात पर जोर दिया।

चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, यह बैठक बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में हुई। बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि चीन और ताइवान के लोग एकजुट होंगे। उन्होंने कहा कि ताइवान स्ट्रेट के दोनों ओर रहने वाले लोग चीनी हैं और संबंधों का भविष्य भी उन्हीं के हाथ में है।

चीन के दौरे पर चेंग ली-वुन

ताइवान की प्रमुख विपक्षी पार्टी कुओमिन्तांग की अध्यक्ष चेंग ली-वुन इन दिनों चीन के दौरे पर हैं। उन्होंने अपनी यात्रा को ‘शांति मिशन’ बताया है, जिसका उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को कम करना है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब चीन ताइवान पर सैन्य दबाव बढ़ा रहा है। शी जिनपिंग (XI Jinping) ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं हैं, ऐसे में शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने संवाद के जरिए संबंध सुधारने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

जिनपिंग ने अलापा ‘एक चीन नीति’ का राग

ताइवान मीडिया के अनुसार, जिनपिंग ने फिर दोहराया कि ताइवान स्ट्रेट के दोनों ओर के लोग एक ही परिवार का हिस्सा हैं। इसे चीन की ‘एक चीन नीति’ को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

इस बीच, अमेरिका ने ताइवान के साथ औपचारिक कूटनीतिक संबंध न होने के बावजूद अपना समर्थन जारी रखा है। अमेरिका को ताइवान का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय समर्थक और हथियार आपूर्तिकर्ता माना जाता है। चीन लगातार अमेरिका से ताइवान को हथियार देना बंद करने की मांग करता रहा है।

चीन-ताइवान में बढ़ सकता है तनाव

ताइवान की मौजूदा सरकार चीन के रुख का विरोध करती है। साल 2023 में भी दोनों के बीच लंबे समय तक तनाव बना रहा। हाल के समय में चीन ने ताइवान स्ट्रेट के आसपास अपनी सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

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