अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

क्या ईरान पर परमाणु हमला होने वाला है? व्हाइट हाउस का बड़ा खुलासा, ट्रंप के इस बयान से दुनिया में बढ़ी टेंशन

White House Clarification On Iran: ट्रंप की 'सभ्यता खत्म' करने वाली भीषण धमकी के बाद व्हाइट हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की खबरों का खंडन किया है।

अमन उपाध्याय

White House Clarification On Iran Nuclear Weapons: मध्य-पूर्व में जारी युद्ध और बढ़ते तनाव के बीच पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान पर टिकी हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई एक खौफनाक धमकी ने वैश्विक स्तर पर परमाणु युद्ध की आशंकाओं को जन्म दे दिया था। इस स्थिति को स्पष्ट करने के लिए अब व्हाइट हाउस ने मोर्चा संभाला है और साफ किया है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर कोई विचार नहीं कर रहा है।

व्हाइट हाउस की सफाई

राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान को 'पूरी सभ्यता खत्म करने' की चेतावनी दिए जाने के कुछ ही समय बाद व्हाइट हाउस का यह बड़ा बयान सामने आया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के बावजूद, परमाणु हथियारों का उपयोग रणनीतिक योजनाओं का हिस्सा नहीं है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप अपने रुख पर अड़े हुए हैं। उन्होंने हाल ही में 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा था कि 'आज रात एक पूरी सभ्यता हमेशा के लिए खत्म हो सकती है, जिसे दोबारा कभी बहाल नहीं किया जा सकेगा।' ट्रंप के अनुसार, यह क्षण 47 साल तक चली जबरदस्ती, भ्रष्टाचार और मौत के सिलसिले का अंत हो सकता है।

डेडलाइन में बदलाव की गुंजाइश

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि यदि ईरान के साथ चल रही बातचीत में कोई ठोस नतीजा निकलता है, तो हमले की समय सीमा (डेडलाइन) बदली जा सकती है। उन्होंने अमेरिकी मीडिया को बताया कि समय सीमा समाप्त होने के बाद वाशिंगटन अपनी स्थापित सैन्य योजनाओं के साथ आगे बढ़ेगा लेकिन शांति की संभावना अभी भी बनी हुई है। ट्रंप ने दावा किया है कि तेहरान ने संघर्ष-विराम का आग्रह किया है और अब वहां 'कम कट्टरपंथी' और 'ज्यादा समझदार' लोग सत्ता की बागडोर संभाल सकते हैं।

ईरान का संचार बंद

ट्रंप की 'पूरी सभ्यता' नष्ट करने वाली धमकी के बाद तेहरान ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका के साथ सभी सीधे संचार रास्ते बंद कर दिए हैं। इस संकट का असर अन्य देशों पर भी पड़ने लगा है। नेपाल में पेट्रोलियम पदार्थों की भारी कमी हो गई है, जिसके कारण वहां की सरकार ने हर हफ्ते दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी है।

वहीं, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने और नागरिकों या नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना न बनाने की अपील की है।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा दावा

इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी स्थिति पर टिप्पणी की है। वेंस का मानना है कि यह जंग बहुत जल्द खत्म हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब 'गेंद ईरान के पाले में है' और शांति का फैसला तेहरान को करना है। फिलहाल, पूरी दुनिया उस 'मिडनाइट डेडलाइन' का इंतजार कर रही है, जो यह तय करेगी कि एशिया का यह हिस्सा तबाही की ओर बढ़ेगा या कूटनीति सफल होगी।

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