ईरान पर 'महाप्रलय' या शांति? ट्रंप की डेडलाइन से पहले जेडी वेंस का बड़ा बयान- 'गेंद अब तेहरान के पाले में'

JD Vance Iran Court: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की डेडलाइन से ठीक पहले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अमेरिका ने अपने सैन्य लक्ष्य हासिल कर लिए हैं और अब शांति या युद्ध का फैसला ईरान को करना है।
'Cataclysm' or Peace for Iran? JD Vance's Major Statement Ahead of Trump's Deadline: 'The Ball Is Now in Tehran's Court'
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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JD Vance Iran Court Latest News: पश्चिम एशिया में बारूद की गंध और बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बड़ा बयान दिया है। वेंस ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका ने ईरान के भीतर अपने प्रमुख सैन्य लक्ष्यों को काफी हद तक हासिल कर लिया है और अब आगे की दिशा पूरी तरह से तेहरान के रुख पर निर्भर करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन फिलहाल चल रही बातचीत पर ईरान के जवाब का इंतजार कर रहा है और अब बुनियादी तौर पर 'गेंद ईरानियों के पाले में है।'

कूटनीति पहली प्राथमिकता

जेडी वेंस ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अमेरिका कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देता है लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो वाशिंगटन और भी कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने अमेरिकी सैन्य क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अपनी ताकत को अच्छी तरह पहचानते हैं और यदि ईरानी कुछ हद तक नुकसान पहुंचाना चाहते हैं तो अमेरिका के पास उससे कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचाने की क्षमता और कई मजबूत विकल्प मौजूद हैं। वेंस ने स्पष्ट किया कि न तो राष्ट्रपति और न ही वह खुद युद्ध चाहते हैं इसीलिए इतनी सख्ती से बातचीत की जा रही है।

ट्रंप का अल्टीमेटम

पूरी दुनिया की नजरें अब स्थानीय समय के अनुसार मंगलवार रात 8:00 बजे की उस समय सीमा पर टिकी हैं जो ईरान को अपना जवाब देने के लिए दी गई है। वेंस ने स्वीकार किया कि ईरानी पक्ष बातचीत की प्रक्रिया में काफी धीमा है लेकिन अमेरिका को पूरा भरोसा है कि आज रात तक उन्हें सकारात्मक या नकारात्मक प्रतिक्रिया मिल जाएगी। गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में पहले ही यह खौफनाक ऐलान किया है कि 'आज रात एक पूरी सभ्यता की मौत होगी, जिसे कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा।' ट्रंप का यह अल्टीमेटम बताता है कि समय समाप्त होने पर अंजाम बेहद गंभीर हो सकते हैं।

तबाही की आहट

उपराष्ट्रपति वेंस ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका के पास अभी भी ऐसे कई घातक हथियार और विकल्प मौजूद हैं जिनका इस्तेमाल करने का फैसला अब तक नहीं लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने अपना रवैया नहीं बदला तो राष्ट्रपति ट्रंप निश्चित रूप से उन हथियारों का उपयोग करने का फैसला ले सकते हैं। यह बयान ईरान के बुनियादी ढांचों, जैसे पावर प्लांट, तेल केंद्रों और प्रमुख पुलों पर होने वाले संभावित हमलों की ओर इशारा करता है जिससे ईरान को 'पाषाण युग' में भेजने की चेतावनी को बल मिलता है।

ईरान की जवाबी तैयारी

दूसरी ओर, ईरान ने भी अमेरिका की धमकियों के आगे झुकने से इनकार कर दिया है। ट्रंप की डेडलाइन पर पलटवार करते हुए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने दावा किया है कि मुल्क की हिफाजत के लिए 1.4 करोड़ ईरानी नागरिक अपनी जान देने को तैयार हैं। पेजेश्कियन ने स्वयं को भी इस कुर्बानी के लिए तैयार बताया है।

पिछले कुछ घंटों में इजरायली वायुसेना ने ईरान के 130 से अधिक एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिए हैं और कई रणनीतिक रेलवे पुलों को निशाना बनाया है जिससे स्थिति और भी अधिक विस्फोटक हो गई है।

क्या टलेगा महायुद्ध?

वर्तमान में ईरान और इजरायल के बीच मिसाइलों का दौर शुरू हो चुका है जहां ईरान ने UAE और इजरायली रिहायशी इलाकों पर हमले किए हैं। अब सब कुछ उस 8 बजे की डेडलाइन पर निर्भर करता है। क्या ईरान कूटनीतिक समझौते के लिए तैयार होगा या मध्य-पूर्व एक ऐसी जंग की गवाही देगा जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा? जेडी वेंस के अनुसार, अमेरिका शांति की उम्मीद कर रहा है लेकिन वह हर उस कड़े कदम के लिए तैयार है जो ईरान को अपना रास्ता बदलने पर मजबूर कर दे।

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