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पश्चिम बंगाल में BJP की जीत से ढाका में खौफ, बांग्लादेशी सांसद ने जताई लाखों घुसपैठियों को वापस भेजने की आशंका

West Bengal Election BJP Win: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के नतीजों में बीजेपी की बढ़त देख बांग्लादेशी सांसद अख्तर हुसैन ने डर जताया है कि वहां से बड़े पैमाने पर प्रवासियों को वापस भेजा जा सकता है।

अमन उपाध्याय

West Bengal Election BJP Win Bangladesh Fear: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रुझान और नतीजे भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में आते देख सीमा पार बांग्लादेश में हलचल तेज हो गई है। भारत के इस राज्य में सत्ता परिवर्तन की संभावना ने ढाका के राजनीतिक गलियारों में एक गहरा डर पैदा कर दिया है।

बांग्लादेशी सांसद अख्तर हुसैन ने अपनी संसद में एक बयान के दौरान आशंका जताई है कि यदि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनती है तो वहां रह रहे बांग्लादेशियों को वापस भेजा जा सकता है। जिससे प्रवासियों का एक 'सैलाब' उमड़ पड़ेगा।

बांग्लादेशी सांसद का बड़ा दावा

सांसद अख्तर हुसैन ने बांग्लादेशी संसद को संबोधित करते हुए कहा कि एग्जिट पोल और शुरुआती रुझानों में बीजेपी की जीत यह संकेत दे रही है कि वे सभी बांग्लादेशियों को वापस भेज देंगे। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इससे हमारे लिए एक बड़ा शरणार्थी संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अवैध प्रवासियों को हमारे पड़ोसी देश से वापस नहीं भेजा जाएगा इसलिए हमें एकजुट रहना होगा। उनके इस बयान को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए तंज कसा कि अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मददगार धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।

दशकों से अवैध घुसपैठ का मुद्दा

भारत में अवैध घुसपैठ का मुद्दा दशकों से राजनीति के केंद्र में रहा है। साल 2001 में गृह मंत्रालय ने संसद में लगभग 1.2 करोड़ अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का अनुमान जताया था।

हालांकि, हालिया शोध और थिंक-टैंकों का दावा है कि 2026 तक यह संख्या बढ़कर 1.5 से 2 करोड़ के बीच हो सकती है। जनवरी 2026 में जारी एक रिसर्च पेपर के अनुसार, पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों जैसे मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर और दक्षिण 24 परगन में बड़े पैमाने पर जनसांख्यिकीय बदलाव देखा गया है जिसे सीधे तौर पर इस घुसपैठ से जोड़कर देखा जाता है।

निष्कासन की बड़ी चुनौती

भले ही राजनीतिक स्तर पर घुसपैठियों को निकालने की बातें हो रही हों लेकिन जमीनी हकीकत काफी जटिल है। सूत्रों के अनुसार, कई घुसपैठियों ने जाली दस्तावेजों के जरिए भारतीय नागरिकता के प्रमाण हासिल कर लिए हैं जिससे उनकी पहचान करना बहुत ही मुश्किल काम हो गया है। अब जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत की संभावनाएं प्रबल हैं तो सवाल उठ रहा है कि क्या केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इन घुसपैठियों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई शुरू करेगी और क्या इससे भारत-बांग्लादेश के राजनयिक संबंधों में कोई नया विवाद पैदा होगा।

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