

Bangladesh High Alert Terror Plot Foiled: बांग्लादेश में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए देश के प्रमुख राष्ट्रीय संस्थानों को दहलाने की योजना को विफल कर दिया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एक खुफिया सर्कुलर के अनुसार, आतंकियों के निशाने पर राष्ट्रीय संसद भवन, सेना और पुलिस के ठिकाने, धार्मिक स्थल और ढाका का प्रतिष्ठित शाहबाग इलाका शामिल था।
यह साजिश तब उजागर हुई जब सुरक्षा एजेंसियों ने एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन के दो सदस्यों, इश्तियाक अहमद उर्फ सामी और अबू मोहम्मद को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान जांचकर्ताओं को महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मिली कि ये दोनों आतंकी सेना के दो बर्खास्त कर्मियों के नियमित संपर्क में थे। आरोप है कि इन पूर्व सैन्य कर्मियों ने ही आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए उनके साथ मिलकर साजिश रची थी।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमलावरों ने देशभर में मौजूद उच्च-मूल्य वाले ठिकानों को निशाना बनाने के लिए विस्फोटकों, स्थानीय रूप से तैयार बमों और धारदार हथियारों के इस्तेमाल की योजना बनाई थी। बताया जा रहा है कि आतंकी एक ही समय में कई जगहों पर समन्वित (Coordinated) हमले करने की साजिश रच रहे थे, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद गंभीर खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
साजिश का खुलासा होने के बाद बांग्लादेश पुलिस मुख्यालय ने तुरंत सख्त कदम उठाते हुए देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश जारी किए हैं। राजधानी ढाका सहित चटगांव, राजशाही, खुलना, बरीसाल, सिलहट, रंगपुर और मयमनसिंह जैसे सभी प्रमुख प्रशासनिक क्षेत्रों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तुरंत सतर्क रहने और सुरक्षा प्रबंधों को और कड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी विशेष गोपनीय परिपत्र में अधिकारियों से कहा गया है कि जिन संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए और उनकी हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही, संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा बढ़ाने, गश्त तेज करने और खुफिया तंत्र को और सक्रिय करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।
फिलहाल इस पूरे मामले की गहन जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि यह साजिश एक बड़े नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है, इसलिए आने वाले दिनों में और खुलासे तथा अतिरिक्त गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि देश की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।