रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन में (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

Putin China Visit: रूस-चीन संबंधों का नया अध्याय! राष्ट्रपति पुतिन पहुंचे बीजिंग, जानें क्या है एजेंडा?

Putin China Visit: रूसी राष्ट्रपति पुतिन की चीन यात्रा 25वीं वर्षगांठ पर हो रही है, जिससे रक्षा और आर्थिक संबंधों को मजबूती मिलेगी और दुनिया को दोनों देशों की शक्ति का कड़ा संदेश जाएगा।

प्रिया सिंह

Putin China Visit Russia China Strategic Partnership: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा के लिए चीन की राजधानी बीजिंग पहुंच चुके हैं। बीजिंग हवाई अड्डे पर चीन के शीर्ष नेता और विदेश मंत्री वांग यी ने राष्ट्रपति पुतिन का बहुत ही गर्मजोशी और सम्मान के साथ स्वागत किया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग के लिए एक नया और पहले से अधिक मजबूत रणनीतिक आधार तैयार करने वाली है। बीजिंग के राजनीतिक गलियारों में इस हाई-प्रोफाइल दौरे को लेकर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं और दुनिया की नजरें इस पर हैं।

पुतिन की यह यात्रा दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक 'गुड-नेबरलीनेस एंड फ्रेंडली कोऑपरेशन' संधि की 25वीं वर्षगांठ के खास मौके पर आयोजित की जा रही है। साल 2001 में इस संधि की नींव स्वयं पुतिन ने रखी थी, जो आज दोनों देशों के अटूट और गहरे रिश्तों की एक बड़ी पहचान बन चुकी है। इस दौरे के माध्यम से रूस और चीन अपनी खास रणनीतिक साझेदारी को एक बिल्कुल नए और वैश्विक उच्च मुकाम पर ले जाने के लिए तैयार हैं। बीजिंग में होने वाली वार्ता दोनों देशों के व्यापक विकास और द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक गहरा करने के एजेंडे पर आधारित होगी।

बीजिंग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भव्य स्वागत

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर पुतिन मंगलवार 19 मई को बीजिंग पहुंचे जहां उनका जोरदार इस्तकबाल किया गया। हवाई अड्डे पर चीन के शीर्ष नेतृत्व और विदेश मंत्री वांग यी ने स्वयं मौजूद रहकर रूसी राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत किया। क्रेमलिन के अनुसार इस यात्रा से दोनों देशों को बेहद ऊंची उम्मीदें हैं और यह आपसी शक्ति प्रदर्शन का एक बड़ा मौका है। यह महत्वपूर्ण दौरा रूस और चीन के बीच हुई ऐतिहासिक मैत्री संधि की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। इस ऐतिहासिक संधि की शुरुआत साल 2001 में की गई थी जब पुतिन और जियांग जेमिन ने इस पर हस्ताक्षर किए थे। अब पुतिन और शी जिनपिंग इसी पुरानी दोस्ती को आधुनिक वैश्विक संदर्भों में एक नई और मजबूत दिशा देने वाले हैं।

दुनिया की टिकी निगाहें

पुतिन का यह दौरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा के ठीक एक हफ्ते बाद हो रहा है जो सामरिक रूप से अहम है। दुनिया भर के कूटनीतिज्ञ इसे रूस और चीन के गठबंधन को पश्चिम के सामने एक कड़े संदेश के रूप में देख रहे हैं। बीजिंग में होने वाली यह शिखर वार्ता वैश्विक राजनीति के शक्ति समीकरणों को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है।

पुतिन ने बीजिंग पहुंचने से पहले कहा कि रूस और चीन राजनीति, अर्थव्यवस्था और रक्षा के क्षेत्रों में अपना सहयोग बढ़ा रहे हैं। दोनों देश मानवीय आदान-प्रदान और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। शी जिनपिंग के दीर्घकालिक सहयोग के प्रति कमिटमेंट की पुतिन ने जमकर तारीफ की और इसे भविष्य के लिए जरूरी बताया।

भविष्य के लिए बड़ी योजनाएं

रूसी राष्ट्रपति को यकीन है कि उनके मित्रवत संबंध दोनों देशों को भविष्य की सबसे साहसी योजनाओं को पूरा करने में सक्षम बनाएंगे। बीजिंग में होने वाली आगामी बातचीत का एजेंडा पूरी तरह से द्विपक्षीय सहयोग और व्यापक विकास को गति देने पर केंद्रित है। यह दौरा न केवल रूस और चीन बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मोड़ साबित होने वाला है।

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