वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

Venezuela की राष्ट्रपति का बडा खुलासा: शर्त न मानने पर US सैनिकों ने दी थी 15 मिनट में जान से मारने की धमकी

US Threats Venezuela: वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने उन्हें और उनके मंत्रियों को 15 मिनट में शर्तें मानने या मरने की धमकी दी थी।

प्रिया सिंह

US Military Operation In Venezuela: वेनेजुएला की राजनीति में मचे उथल-पुथल के बीच कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि किस तरह वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान के दौरान उन्हें और उनकी कैबिनेट को मौत के साए में रहना पड़ा था। अमेरिकी सुरक्षा बलों ने निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद रोड्रिगेज को सख्त अल्टीमेटम दिया था। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों और कूटनीतिक मर्यादाओं पर एक नई बहस छेड़ दी है।

15 मिनट का अल्टीमेटम

डेल्सी रोड्रिगेज ने एक लीक हुए वीडियो में दावा किया है कि अमेरिकी सैनिकों ने उन्हें और उनके सहयोगियों को जवाब देने के लिए केवल 15 मिनट का समय दिया था। उन्होंने बताया कि अगर वे उस समय अमेरिका की शर्तों को स्वीकार नहीं करतीं, तो सैनिकों ने उन सभी को जान से मारने की स्पष्ट धमकी दी थी। अपने मंत्रियों और करीबियों की जान बचाने के लिए रोड्रिगेज को मजबूरन वॉशिंगटन की कड़़ी मांगों के आगे झुकना पड़ा।

मादुरो की गिरफ्तारी का सच

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब वेनेजुएला के तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को एक सैन्य ऑपरेशन के जरिए अमेरिकी सैनिकों ने पकड़ लिया था। मादुरो लंबे समय से वॉशिंगटन के निशाने पर थे और गिरफ्तारी के बाद उन्हें तत्काल मुकदमे के लिए अमेरिका ले जाया गया। रोड्रिगेज का कहना है कि उस समय उन्हें यह तक बताया गया था कि मादुरो और उनकी पत्नी की हत्या कर दी गई है।

सत्ता हस्तांतरण और दबाव

ऐसी विपरीत परिस्थितियों में देश की जिम्मेदारी संभालना डेल्सी रोड्रिगेज के लिए मानसिक रूप से बेहद पीड़ादायक और चुनौतीपूर्ण अनुभव था। अमेरिकी सैनिकों का दबाव राष्ट्रपति मादुरो के अपहरण के पहले मिनट से ही कैबिनेट के सभी सदस्यों पर बढ़ना शुरू हो गया था। रोड्रिगेज के अनुसार, उस डरावने पल में उनके पास अमेरिका की बातें मानने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा था।

अमेरिका में कानूनी कार्रवाई

वर्तमान में निकोलस मादुरो अमेरिका की हिरासत में हैं और उन पर विभिन्न आपराधिक मामलों के तहत अदालत में मुकदमा चलाया जा रहा है। अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल संसाधनों को लेकर भी अपनी कुछ कड़ी शर्तें रखी हैं ताकि भविष्य में व्यापारिक संबंधों को नियंत्रित किया जा सके। इस पूरे घटनाक्रम ने वेनेजुएला की संप्रभुता और भविष्य की राजनीतिक स्थिरता को लेकर गंभीर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं पैदा कर दी हैं।

भविष्य की चुनौतियां

वेनेजुएला इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है जहां एक तरफ आंतरिक विद्रोह का खतरा है तो दूसरी तरफ बाहरी शक्तियों का दबाव। डेल्सी रोड्रिगेज के इन दावों ने स्पष्ट कर दिया है कि वहां सत्ता परिवर्तन सामान्य तरीके से नहीं बल्कि भारी सैन्य दबाव के बीच हुआ है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वेनेजुएला फिर से एक स्थिर लोकतांत्रिक राष्ट्र बन पाएगा।

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