Vance US Iran Policy Plan: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ जारी कूटनीतिक बातचीत और सैन्य रणनीति पर अहम बयान दिया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति के लिए सैन्य शक्ति और कूटनीति दोनों का संतुलन बहुत ही ज्यादा जरूरी है। वेंस ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखने के लिए ट्रंप सरकार कूटनीतिक और भारी आर्थिक दबाव का इस्तेमाल कर रही है। उनका मानना है कि लगातार बमबारी से मध्य पूर्व में लंबी स्थिरता नहीं आ सकती।
उपराष्ट्रपति वेंस ने साफ किया कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए सेना एक महत्वपूर्ण टूल है। उन्होंने कूटनीति को दूसरा अहम टूल बताया और कहा कि ईरान से सीधे बात करना बहुत जरूरी है। ट्रंप सरकार ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए कई बड़े और ठोस कदम उठा रही है। सरकार कूटनीति, भारी आर्थिक दबाव और सैन्य ताकत का एक साथ और बेहद सटीक इस्तेमाल कर रही है।
अमेरिका की शानदार रणनीति से रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट से ऊर्जा की सुरक्षित सप्लाई लगातार जारी है। वेंस ने बताया कि सरकार का एमओयू इसी रास्ते को खोलने और गंभीर हिंसा रोकने के लिए था। अमेरिका ईरान के मामले में बेहद नाजुक कूटनीतिक संतुलन बना रहा है और गाजर व डंडे की नीति अपना रहा है। वेंस ने कहा कि हम ईरान के समझदार और व्यवहारिक नेताओं से बातचीत की कोशिश कर रहे हैं।
जब भी कुछ ईरानी गुट हिंसक गतिविधियां करते हैं, तो अमेरिकी सेना उसका बहुत ही कड़ा जवाब भी देती है। शुरुआती एग्रीमेंट से स्ट्रेट के जरिए तेल ट्रैफिक शुरू हुआ, पर कट्टरपंथियों ने फिर से हमले किए। उपराष्ट्रपति ने यह अहम दावा किया कि ईरान की मुख्य परमाणु सुविधाएं अब भी पूरी तरह से तबाह और नष्ट हैं। होर्मुज स्ट्रेट से ऊर्जा आपूर्ति जारी है, जिससे दुनिया में कोई भी बड़ा ऊर्जा संकट नहीं हुआ है।
यह भी पढ़ें: Iraq PM Meets Trump: खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद इराक के पीएम ने मिलाया अमेरिका से हाथ
ईरान के परमाणु कार्यक्रम के एक दीर्घकालिक और स्थायी समाधान को लेकर अमेरिका की गंभीर बातचीत अभी भी जारी है। वेंस ने केवल सैन्य कार्रवाई और बमबारी का समर्थन करने वाले अमेरिकी आलोचकों की कड़ी निंदा भी की है। वेंस ने साफ किया कि हम ईरान में सरकार बदलने के लिए 150,000 जमीनी सैनिक कभी नहीं भेजने वाले हैं। उन्होंने तीन महीने पहले के फैसलों और लीबिया जैसी पुरानी गलती को दोहराने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी।