ईरान की चारों ओर से नाकेबंदी, कॉन्सेप्ट फोटो 
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ईरान की चारों ओर से नाकेबंदी, अमेरिका-ब्रिटेन ने तैनात किए विनाशकारी जंगी बेड़े; महायुद्ध की आहट तेज

Middle East News: मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा गहरा गया है। अमेरिका और ब्रिटेन ने ईरान के खिलाफ हिंद महासागर से खाड़ी तक अपनी सैन्य शक्ति और मिसाइल डिफेंस सिस्टम की भारी तैनाती कर दी है।

अमन उपाध्याय

US Britain Military Iran News In Hindi: मिडल ईस्ट एक बार फिर बड़े संघर्ष की कगार पर खड़ा नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती सैन्य हलचल ने साफ संकेत दिए हैं कि वॉशिंगटन अब केवल कूटनीतिक चेतावनियों तक सीमित नहीं है बल्कि हर सैन्य विकल्प के लिए तैयार है। ट्रंप ने पुष्टि की है कि अमेरिका एक विशाल नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर भेज रहा है और वे ईरान की हर गतिविधि पर बारीक नजर रख रहे हैं।

हिंद महासागर में अमेरिकी 'सुपर पावर' का जमावड़ा

ईरान की घेराबंदी के लिए अमेरिकी नौसेना ने अपने सबसे शक्तिशाली युद्धपोतों में से एक, USS अब्राहम लिंकन को उसके पूरे 'कैरियर स्ट्राइक ग्रुप' के साथ हिंद महासागर में तैनात कर दिया है। यह स्ट्राइक ग्रुप इतना शक्तिशाली है कि यह अकेले ही किसी छोटे देश की वायुसेना को टक्कर देने में सक्षम है। इस बेड़े में F-35C स्टील्थ फाइटर जेट, F/A-18 सुपर हॉर्नेट, और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के लिए मशहूर EA-18G ग्रोलर जैसे घातक विमान शामिल हैं। इसके अलावा, समुद्र की गहराई और सतह से हमलों के लिए टिकोनडेरोगा क्लास क्रूज़र और अर्ले बर्क क्लास डिस्ट्रॉयर जहाज तैनात हैं, जो सैकड़ों क्रूज़ और एयर-डिफेंस मिसाइलों से लैस हैं।

आसमान से घेराबंदी और अभेद्य सुरक्षा कवच

हवाई मोर्चे पर भी अमेरिका ने ईरान को चारों ओर से घेर लिया है। इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमानों की तैनाती की गई है। इन विमानों को लंबी दूरी तक उड़ान भरने में मदद करने के लिए KC-135 टैंकर और रसद पहुंचाने के लिए C-17 कार्गो विमानों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए अमेरिका ने अपने सबसे आधुनिक पैट्रियट और थाड मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं जो ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों को हवा में ही नष्ट करने की क्षमता रखते हैं।

ब्रिटेन और इजरायल भी मैदान में उतरे

इस सैन्य घेराबंदी में अमेरिका को ब्रिटेन का भी साथ मिला है। ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स ने अपने टाइफून फाइटर जेट्स को कतर में तैनात किया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेजी से जवाबी कार्रवाई की जा सके। दूसरी ओर, इजरायल भी अपनी वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम के साथ हाई अलर्ट मोड पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान की ओर से कोई भी जवाबी कार्रवाई होती है, तो अमेरिका और उसके सहयोगियों का हमला बहुस्तरीय और बेहद विनाशकारी होगा।

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