US Strikes On Iran Targets: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिका ने दावा किया कि यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर हमलों के जवाब में की गई।
मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव के बीच अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के सैन्य ठिकानों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने बताया कि उसके बलों ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया।
ईरान के महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर बंदर अब्बास के पूर्वी क्षेत्र में एक के बाद एक कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबर सामने आई। इस कार्रवाई के बाद इलाके में दहशत फैल गई। अमेरिकी सेना के अनुसार, यह हमला समुद्री व्यापार और अमेरिकी सैन्य बलों को निशाना बनाने की कथित कोशिशों के जवाब में किया गया।
CENTCOM के मुताबिक, कार्रवाई पूर्वी अमेरिकी समयानुसार दोपहर 12 बजे शुरू हुई, जो भारतीय समय के अनुसार रात करीब 9:30 बजे थी। अमेरिकी सेना ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ हमले की कोशिशों के बाद यह सैन्य कदम उठाया गया।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है और वैश्विक तेल व व्यापारिक जहाजों की आवाजाही के लिए बेहद अहम माना जाता है। अमेरिका ने साफ कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नौपरिवहन की स्वतंत्रता और उसके सैनिकों की सुरक्षा पर किसी भी खतरे का जवाब दिया जाएगा।
इससे पहले रविवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के रणनीतिक लराक द्वीप पर कथित रूप से दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का दावा था कि इन लॉन्चरों का इस्तेमाल होर्मुज स्ट्रेट की दिशा में हमला करने और समुद्री गतिविधियों को बाधित करने के लिए किया जा सकता था।
इसके बाद ईरान की ओर से जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागे जाने की खबरें भी सामने आईं। अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम ने इन मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया। इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात ने भी अपने जलक्षेत्र के आसपास एक ईरानी ड्रोन को मार गिराने की जानकारी दी।
हमलों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की आर्थिक और सैन्य स्थिति को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने ईरान को एक “विफल राष्ट्र” बताते हुए दावा किया कि लगातार सैन्य दबाव के कारण उसकी क्षमताओं को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
ट्रंप ने ईरान में बढ़ती महंगाई, आर्थिक संकट और सैन्य व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका भविष्य की परिस्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई का फैसला करेगा। अमेरिकी हमलों के बाद अब पूरे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।