

Keir Starmer Resigns As MP: ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता कीर स्टार्मर ने सांसद पद से इस्तीफा देकर राजनीति में एक बड़ा बदलाव किया है। प्रधानमंत्री पद से हटने के 71 दिन बाद उन्होंने लंदन की होलबोर्न और सेंट पैनक्रास संसदीय सीट छोड़ने का फैसला लिया है। इसके साथ ही साल 2015 में शुरू हुआ उनका 11 वर्षों का संसदीय करियर समाप्त हो गया।
स्टार्मर ने कहा कि गर्मियों की छुट्टियों के दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य पर गंभीरता से विचार किया। उन्हें लगा कि अब नई पीढ़ी और नए नेतृत्व को आगे आने का अवसर देना चाहिए। संसद से बाहर रहने के बावजूद वे सार्वजनिक जीवन और महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर सक्रिय रहेंगे।
कीर स्टार्मर वर्ष 2015 में पहली बार होलबोर्न और सेंट पैनक्रास सीट से सांसद चुने गए थे। उन्होंने इस सीट पर लंबे समय तक सांसद रहे लेबर पार्टी के दिग्गज नेता फ्रैंक डॉब्सन की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया।
स्टार्मर के कार्यकाल में इस क्षेत्र में सामाजिक कल्याण और श्रमिक अधिकारों से जुड़े कई मुद्दे प्रमुख रहे। उन्होंने ब्रेकफास्ट क्लब, मुफ्त स्कूली भोजन, न्यूनतम मजदूरी में सुधार और कर्मचारियों के अधिकारों को मजबूत करने जैसे कदमों का जिक्र किया। उन्होंने किराएदारों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को भी अपनी महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया।
स्टार्मर के इस्तीफे के बाद इस सीट पर उपचुनाव होना तय है। होलबोर्न और सेंट पैनक्रास लंबे समय से लेबर पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। हालांकि, हाल के स्थानीय चुनावों के नतीजों ने यहां राजनीतिक मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
साल 2024 के आम चुनाव में कीर स्टार्मर ने 11 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। लेकिन स्थानीय चुनावों में ग्रीन पार्टी के बढ़ते समर्थन ने लेबर पार्टी के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, ग्रीन पार्टी के नेता जैक पोलांस्की भी इस सीट से चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।
स्टार्मर के इस्तीफे के बाद कंजर्वेटिव पार्टी ने उन पर तीखा हमला किया है। पार्टी चेयरमैन केविन हॉलिनरेक्स ने इस फैसले को राजनीतिक यू-टर्न बताते हुए कहा कि इससे उपचुनाव का अतिरिक्त बोझ करदाताओं पर पड़ेगा।
वहीं, स्टार्मर ने साफ किया है कि सांसद पद छोड़ने के बाद भी वे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा, व्यापार और तकनीक जैसे वैश्विक मुद्दों पर काम करना जारी रखेंगे। उन्होंने महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा रोकने के अभियान को भी आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही उन्होंने लेबर पार्टी के नए उम्मीदवार को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया है।