वाशिंगटन : भारत और पाकिस्तान बढ़ते तनाव के बीच शनिवार को दोनों देशों की सहमति के बाद सीजफायर किया गया। इस फैसले का श्रेय लेने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगे आ गए। उन्होंने कहा कि दोनों ने के बीच संघर्ष विराम को लेकर अमेरिका ने मध्यस्थता की। इसके उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर कश्मीर मुद्दे को लेकर भी बड़ी बात कह दी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम करने के लिए भारत और पाकिस्तान के ‘मजबूत और दृढ़ नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए रविवार को कहा कि उनके साहसिक कदमों से उनकी विरासत काफी मजबूत हुई है। भारत और पाकिस्तान शनिवार को नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष विराम के लिए सहमत हो गए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा कि ‘‘मैं आप दोनों के साथ मिलकर यह पता लगाने के लिए काम करूंगा कि क्या कश्मीर के संबंध में कोई समाधान निकाला जा सकता है। ईश्वर भारत और पाकिस्तान के नेतृत्व को उनके अच्छे काम के लिए आशीर्वाद दें।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि "मैं भारत के बहुत करीब हूं और मैं पाकिस्तान के भी बहुत करीब हूं और कश्मीर में वे 1000 साल से लड़ रहे हैं। कश्मीर मुद्दा एक हजार साल से चल रहा है, शायद उससे भी ज्यादा समय से।" ट्रंप ने पहलगाम आतंकी हमले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस सीमा पर 1,500 साल से तनाव है और आज भी वैसा ही है। लेकिन मुझे यकीन है कि वे इसे किसी न किसी तरह से हल कर लेंगे। मैं दोनों नेताओं को जानता हूं। पाकिस्तान और भारत के बीच बहुत तनाव है, लेकिन हमेशा से रहा है।"
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि "मुझे भारत और पाकिस्तान के मजबूत एवं दृढ़ नेतृत्व पर बहुत गर्व है जिसके पास यह जानने और समझने की ताकत, समझ एवं धैर्य है कि उस मौजूदा आक्रामकता को रोकने का समय आ गया था जो बहुत से लोगों की मौत और विनाश का कारण बन सकती थी।"
ट्रंप ने कहा कि ‘‘लाखों अच्छे और निर्दोष लोग मारे जा सकते थे। आपकी विरासत आपके साहसी कार्यों से काफी मजबूत हुई है। मुझे गर्व है कि अमेरिका इस ऐतिहासिक और साहसिक निर्णय तक पहुंचने में आपकी मदद कर सका। हालांकि, इस पर चर्चा भी नहीं हुई है लेकिन वह इन दोनों महान राष्ट्रों के साथ व्यापार को काफी बढ़ाने के लिए कदम उठाएंगे।"