युद्धपोत भोजन संकट (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान के पास तैनात US युद्धपोतों पर भोजन का भारी संकट, नौसेना ने तस्वीरें जारी कर दी अपनी सफाई

Warship Food Crisis: ईरान के पास तैनात US जंगी जहाजों पर सैनिकों को बहुत खराब और कम खाना मिलने का मामला सामने आया है। इसके बाद नौसेना ने तस्वीरें जारी कर इस बड़े दावे को एकदम झूठा करार दिया है।

प्रिया सिंह

US Navy Food Crisis: ईरान के पास तैनात अमेरिकी सैनिकों को इन दिनों भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें जंगी जहाजों पर बहुत खराब और कम खाना मिल रहा है। इस अमेरिकी नौसेना का खाद्य संकट ने सेना के अंदरूनी हालात और व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सैनिक अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं जिससे उनका मनोबल काफी गिर रहा है।

नौसेना ने दी सफाई

US नौसेना ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खाने की तस्वीरें साझा की हैं। नौसेना ने साफ तौर पर कहा है कि सैनिकों को मिशन के दौरान ताजा और पूरा भोजन मिल रहा है। यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस त्रिपोली पर तैनात सैनिकों को नियमित रूप से बिना रुकावट खाना परोसा जा रहा है।

सैनिकों की शिकायत

सैनिकों के परिजनों ने आधी खाली प्लेटों की तस्वीरें साझा की हैं जिनमें बहुत कम और बेस्वाद खाना दिख रहा है। एक मरीन को खाने में केवल बारीक कटा हुआ मीट और एक टॉर्टिला ही परोसा गया था। रात के खाने में उबली हुई गाजर और प्रोसेस्ड मीट का टुकड़ा दिया जा रहा है जिससे उनकी भूख नहीं मिटती है।

पार्सल सेवा पर रोक

मध्य पूर्व में सैन्य क्षेत्रों के लिए डाक सेवा अनिश्चित काल के लिए पूरी तरह से रोक दी गई है। इसके कारण US में बैठे परिवार अपने सैनिकों को खाने के पैकेट या जरूरी सामान बिल्कुल नहीं भेज पा रहे हैं। एक परिवार ने 2000 डॉलर यानी 1.85 लाख रुपये का सामान भेजा था जो नाविक तक नहीं पहुंच सका।

खत्म हो रहा सामान

यूएसएस त्रिपोली पर हालात इतने खराब हैं कि वहां के नौसैनिकों को अपने खाने की चीजों की राशनिंग करनी पड़ रही है। कॉफी मशीन खराब हो चुकी है और साफ-सफाई का जरूरी सामान भी अब खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। सैनिकों को ताजे फल और सब्जियां बिल्कुल भी नहीं मिल रही हैं जो उनके स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।

विमानवाहक पोत में आग

US के सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड फोर्ड को रखरखाव के लिए अचानक वापस भेजना पड़ा है। इस जहाज के लॉन्ड्री एरिया में अचानक भयानक आग लग गई थी जिसमें 100 बिस्तर पूरी तरह जलकर खाक हो गए। इस भीषण आग की वजह से 200 नाविक घायल हो गए थे और यह पोत काफी समय तक चर्चा में रहा।

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रिकॉर्ड तैनाती का असर

 यूएसएस गेराल्ड फोर्ड बिना किसी रखरखाव के पूरे 295 दिनों तक समुद्र में तैनात रहा जो एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है। यह शीत युद्ध के बाद किसी भी US विमानवाहक पोत की अब तक की सबसे लंबी समुद्री तैनाती मानी जा रही है। लगातार काम करने से जहाज के सीवेज सिस्टम भी खराब हो गए थे जिससे 4500 नाविकों की जिंदगी अस्त-व्यस्त हो गई।

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