ईरान पर 'महाहमले' की तैयारी में अमेरिका (सोर्स-AI डिज़ाइन) 
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ईरान पर 'महाहमले' की तैयारी में अमेरिका? ट्रंप ने रद की बैठकें, पेंटागन ने दिए सैन्य विकल्प

Trump Iran Warning: ईरान में 2,000 मौतों के बाद ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया है। पेंटागन ने सैन्य विकल्प तैयार किए हैं और इज़राइल की आपात बैठक से क्षेत्र में बड़े हमले के संकेत मिल रहे हैं।

प्रिया सिंह

US Pentagon military options Iran: ईरान में खामेनेई शासन के खिलाफ भड़के ऐतिहासिक जनआक्रोश और 2,000 से अधिक मौतों के बाद अमेरिका ने अपने तेवर बेहद कड़े कर लिए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वे अब कूटनीति के बजाय सैन्य और आर्थिक दबाव की रणनीति पर काम कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसक कार्रवाई को देखते हुए व्हाइट हाउस ने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी महत्वपूर्ण बैठकें रद्द कर दी हैं। पेंटागन द्वारा तैयार किए गए नए और आक्रामक सैन्य विकल्पों ने इस संभावना को और प्रबल कर दिया है कि अमेरिका जल्द ही कोई बड़ा कदम उठा सकता है।

ट्रंप का खुला समर्थन

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरानी जनता से सीधे संवाद करते हुए उन्हें 'देशभक्त' बताया और संस्थानों पर कब्जा करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों की हत्या करने वालों को भारी कीमत चुकानी होगी और अमेरिका उनकी मदद के लिए तैयार है। ट्रंप ने 'मदद रास्ते में है' (Help is on its way) लिखकर शासन को कड़ा संदेश दिया है।

इज़राइल की आपात बैठक

इज़राइल की सुरक्षा कैबिनेट ने ईरान की स्थिति पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक बुलाई है, जो किसी बड़े क्षेत्रीय एक्शन का संकेत है। इज़राइली सेना ने भी अपनी एयर डिफेंस प्रणाली को हाई अलर्ट पर रखा है और किसी भी संभावित जवाबी हमले की तैयारी शुरू कर दी है। दोनों देशों के बीच समन्वय यह दर्शाता है कि ईरान के खिलाफ एक संयुक्त रणनीति तैयार की जा रही है।

पेंटागन के सैन्य विकल्प

पेंटागन ने राष्ट्रपति के सामने केवल हवाई हमलों तक सीमित न रहकर साइबर और मनोवैज्ञानिक युद्ध जैसे व्यापक सैन्य विकल्प पेश किए हैं। इन विकल्पों में ईरान के परमाणु केंद्रों और सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की विस्तृत योजनाएं शामिल बताई जा रही हैं। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों का मानना है कि शासन की कमान और नियंत्रण प्रणाली को ध्वस्त करना अब उनकी प्राथमिकता है।

ईरान में डिजिटल अंधेरा

विरोध की आवाज को दुनिया तक पहुंचने से रोकने के लिए ईरानी सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट को लगभग ठप (Internet Blackout) कर दिया है। 8 जनवरी 2026 से जारी इस ब्लैकआउट के बीच सुरक्षा बलों पर बेरहमी से प्रदर्शनकारियों को दबाने के आरोप लग रहे हैं। हालांकि, स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट सेवाओं के जरिए कुछ वीडियो अभी भी अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक पहुंच रहे हैं।

आर्थिक और कूटनीतिक प्रहार

सैन्य विकल्पों के साथ-साथ ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान कर आर्थिक घेराबंदी शुरू कर दी है। इस कदम का उद्देश्य ईरान के राजस्व के स्रोतों को पूरी तरह सुखा देना है ताकि वह अपनी दमनकारी मशीनरी को वित्तपोषित न कर सके। अमेरिका अब 'मैक्सिमम प्रेशर' की नीति को अपने उच्चतम स्तर पर ले जा चुका है।

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