मिडिल ईस्ट में मंडराया जंग का खतरा, (डिजाइन फोटो) 
विदेश

शांति वार्ता फेल, रमजान में शुरू हो सकता है ईरान पर हमला; इजरायल के साथ मिलकर बड़ी स्ट्राइक की तैयारी में US

Iran US Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा वार्ता फेल होने के बाद मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, रमजान के दौरान US और इजरायल ईरान पर सैन्य अभियान शुरू कर सकते है।

अमन उपाध्याय

Middle East News Hindi: मिडिल ईस्ट एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठा नजर आ रहा है और खबरें हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध के बेहद करीब पहुंच चुका है। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुई उच्च स्तरीय शांति वार्ता के विफल होने के बाद तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। सुरक्षा विशेषज्ञों और सूत्रों का दावा है कि अगर अमेरिका ईरान पर सैन्य हमला करता है तो यह कोई छोटा ऑपरेशन नहीं होगा बल्कि कम से कम छह हफ्तों तक चलने वाला एक व्यापक और सघन सैन्य अभियान हो सकता है।

जिनेवा वार्ता रही बेनतीजा

तनाव कम करने के इरादे से हाल ही में जिनेवा में ट्रंप के करीबी सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ करीब तीन घंटे तक लंबी चर्चा की। हालांकि, बैठक के बाद दोनों पक्षों ने स्वीकार किया कि हालांकि कुछ प्रगति हुई है, लेकिन बुनियादी मतभेद अब भी काफी बड़े और अनसुलझे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी संकेत दिए हैं कि ईरान अभी भी झुकने को तैयार नहीं है और यदि कूटनीतिक रास्ते बंद होते हैं तो सैन्य कार्रवाई ही एकमात्र विकल्प बचेगी।

भारी सैन्य लामबंदी और जॉइंट ऑपरेशन

इस संभावित युद्ध की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर एक 'जॉइंट ऑपरेशन' चलाने की तैयारी कर रहे हैं। यह हमला पिछले साल जून में हुए 12 दिवसीय युद्ध से कहीं ज्यादा बड़ा और विनाशकारी हो सकता है जिसमें ईरान की अंडरग्राउंड न्यूक्लियर फैसिलिटीज को निशाना बनाया गया था।

क्षेत्र में अमेरिका की सैन्य तैयारी डराने वाली है। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में दो विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर, दर्जनभर युद्धपोत, सैकड़ों लड़ाकू विमान और अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिए हैं। पिछले 24 घंटों में ही 50 और घातक लड़ाकू विमान (F-35, F-22 और F-16) क्षेत्र में पहुंचे हैं। 150 से अधिक मिलिट्री कार्गो विमानों के जरिए भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई सुनिश्चित की गई है।

रमजान और 14 दिन का अल्टीमेटम

ईरान में 19 फरवरी से पवित्र महीने रमजान की शुरुआत हो रही है और माना जा रहा है कि इसी दौरान जंग का आगाज हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने अगले दो हफ्तों का समय दिया है यदि इस दौरान ईरान की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आता है तो हालात तेजी से बिगड़ेंगे और सैन्य कार्रवाई शुरू की जा सकती है। इजरायल ने भी अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है और वह किसी भी क्षण युद्ध में कूदने को तैयार है। यह युद्ध न केवल पूरे मिडिल ईस्ट को अस्थिर कर सकता है, बल्कि राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल की दिशा भी तय करेगा।

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