अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

US Iran Talks: ट्रंप ने रद्द किया दूतों का पाकिस्तान दौरा, कहा- तेहरान खुद करे फोन

US Iran Talks: अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर है। ट्रंप ने अपने दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी। उनका कहना है कि ईरान में भारी भ्रम है, इसलिए बातचीत के लिए ईरान को खुद फोन करना होगा।

प्रिया सिंह

Stalled US Iran Talks Pakistan: अमेरिका और ईरान के बीच शांति स्थापना की कोशिशों को एक गहरा झटका लगा है। डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता के लिए अपने विशेष दूतों का दौरा अचानक रद्द कर दिया है। यह महत्वपूर्ण दौरा पाकिस्तान में ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए तय किया गया था। अमेरिका-ईरान वार्ता ठप होने के कारण पूरी दुनिया की चिंताएं अब काफी ज्यादा बढ़ गई हैं।

ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान में वार्ता करके वापस अपने देश लौट चुके हैं। युद्ध समाप्त करने की सभी कोशिशें अब पूरी तरह से ठप नजर आ रही हैं। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर दबाव बनाने के लिए प्रमुख समुद्री रास्ते बंद कर दिए हैं। इससे मध्य पूर्व में फिर से युद्ध और अस्थिरता का एक गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

दूतों का दौरा रद्द

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर का दौरा रद्द कर दिया है। इन दोनों प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों से बातचीत के लिए भेजा जाना था। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यात्रा में बहुत समय बर्बाद होता और उनके पास अन्य काम भी हैं।

ट्रंप का सख्त संदेश

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व पर जबरदस्त अंदरूनी खींचतान और भ्रम का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि ईरान के पास कोई स्पष्ट दिशा नहीं है और सारे पत्ते अमेरिका के पास हैं। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर वे बात करना चाहते हैं, तो उन्हें बस फोन करना होगा।

ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची अपनी पाकिस्तान यात्रा पूरी करके लौट चुके हैं। उन्होंने शांति बहाली के लिए पाकिस्तान की सद्भावनापूर्ण कोशिशों की जमकर सराहना की है। अराघची ने कहा कि ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए एक व्यावहारिक ढांचा भी पेश किया है।

कूटनीति पर सवाल

अराघची ने अमेरिका की कूटनीतिक गंभीरता पर भी कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इससे पहले ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल होने से साफ मना कर दिया था। बाद में ईरान ने फिर से बातचीत को आगे बढ़ाने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश की थी।

दोनों तरफ से नाकेबंदी

तनाव की वजह से तेहरान ने महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद कर दिया है। दूसरी तरफ अमेरिका ने कड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान के पोर्ट को ब्लॉक कर दिया है। इन कदमों से वैश्विक व्यापार और आर्थिक स्थिरता को भी गहरा नुकसान पहुंचने की संभावना है।

पाकिस्तान की भूमिका

पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच शांति स्थापित करने के लिए एक अहम मंच प्रदान किया था। अराघची ने क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों को काफी अहम बताया है। पहली बार पाकिस्तान में सीजफायर को लेकर दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत आयोजित हुई थी।

पहला दौर विफल

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर पहली बार पाकिस्तान में ही वार्ता हुई थी। इस वार्ता में दोनों देशों के बीच किसी भी ठोस नतीजे पर आम सहमति नहीं बन पाई थी। अब इस शांति प्रक्रिया के पूरी तरह से विफल होने के बाद हालात और भी ज्यादा बिगड़ गए हैं।

व्यापार पर बुरा असर

होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की भारी कमी होने की आशंका है। अमेरिका द्वारा ईरानी पोर्ट को ब्लॉक करने से ईरान की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव आ गया है। बिना बातचीत के दोनों देशों के बीच जारी इस तनाव को कम करना काफी मुश्किल लग रहा है।

आगे का रास्ता

अब पूरी दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के अगले कूटनीतिक कदम पर मजबूती से टिकी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्षों को जल्द ही बातचीत की मेज पर वापस लौटना होगा। फिलहाल युद्ध के खतरे को टालने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बड़े कदम उठाने की जरूरत है।

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