ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

जिनेवा में अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता का दूसरा दौर शुरू, प्रतिबंधों और सुरक्षा पर टिकी दुनिया की नजर

US-Iran Nuclear Deal: जिनेवा में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते पर दूसरे दौर की वार्ता शुरू हुई। इसमें यूरेनियम भंडार और प्रतिबंधों पर चर्चा होगी, जबकि ईरान ने सैन्य अभ्यास शुरू किया है।

प्रिया सिंह

US-Iran Nuclear Negotiations In Geneva: जिनेवा में आज अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव कम करने के लिए दूसरे दौर की महत्वपूर्ण वार्ता आयोजित की जा रही है। ओमान की मध्यस्थता में हो रही यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनीतिक दबाव काफी बढ़ा हुआ है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता स्थल पर पहुंच चुके हैं। दुनिया भर की निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं क्योंकि इसके नतीजे मध्य पूर्व की सुरक्षा और तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकते हैं।

जिनेवा में कूटनीतिक हलचल

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अपनी टीम के साथ परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए जिनेवा पहुंच चुके हैं जहां बातचीत का दूसरा दौर होगा। अमेरिका की ओर से मध्य पूर्व दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर इस महत्वपूर्ण वार्ता में भाग लेने के लिए सुबह 8 बजे तक वहां पहुंच गये। यह बैठक दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

ओमान की मध्यस्थता और मुद्दे

तेहरान के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह पूरी वार्ता ओमान की मध्यस्थता के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से आयोजित की जा रही है जिसमें कई जटिल मुद्दे शामिल हैं। वॉशिंगटन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि परमाणु कार्यक्रम के अलावा बैलिस्टिक मिसाइल और क्षेत्रीय सहयोगी समूहों की गतिविधियों पर भी गहन चर्चा की जाएगी। अमेरिका ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि इस समझौते की राह आसान नहीं है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

ईरान का सख्त और स्पष्ट रुख

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख से मुलाकात के बाद स्पष्ट किया कि वे समझौते के लिए ठोस प्रस्ताव लेकर आए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है और न्यायसंगत तथा संतुलित समझौते की उम्मीद करता है। ईरान मुख्य रूप से अपने ऊपर लगे कड़े प्रतिबंधों में राहत और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इस वार्ता में हिस्सा ले रहा है।

हॉर्मुज में सैन्य शक्ति प्रदर्शन

इस महत्वपूर्ण वार्ता से ठीक पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अपना सैन्य अभ्यास शुरू कर शक्ति प्रदर्शन किया है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा वहन करता है और तेहरान पहले भी इसे बंद करने की चेतावनी दे चुका है। सैन्य अभ्यास का उद्देश्य संभावित सुरक्षा खतरों से निपटना बताया गया है जो वार्ता की मेज पर ईरान की सौदेबाजी की शक्ति बढ़ा सकता है।

यूरेनियम भंडार पर टिकी नजर

वर्तमान बातचीत में ईरान के पास मौजूद 60 प्रतिशत समृद्ध यूरेनियम के भंडार और संवर्धन क्षमता जैसे गंभीर तकनीकी मुद्दे प्रमुखता से शामिल रहेंगे। ईरानी उप विदेश मंत्री ने संकेत दिया है कि अगर प्रतिबंध हटाए जाते हैं तो तेहरान परमाणु संवर्धन के स्तर पर कुछ समझौते कर सकता है। दूसरी ओर इजरायल ने अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए यूरेनियम हटाने और परमाणु क्षमता को पूरी तरह खत्म करने का दबाव बनाया है।

वैश्विक शांति और भावी संभावनाएं

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उम्मीद जताई है कि जिनेवा में होने वाली इस बातचीत से परमाणु समझौते की दिशा में कुछ सकारात्मक प्रगति होगी। विशेषज्ञ इसे केवल एक परमाणु विवाद नहीं बल्कि व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिहाज से भी निर्णायक मोड़ मान रहे हैं। अब पूरी दुनिया यह देख रही है कि क्या दोनों पक्ष कूटनीतिक रास्ता निकाल पाते हैं या फिर तनाव और अधिक बढ़ेगा।

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