US Charged Two Indian Nationals For Selling Fake Ozempic: फ्लोरिडा की एक अमेरिकी फेडरल कोर्ट में दो भारतीय नागरिकों पर नकली प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के कथित अंतरराष्ट्रीय वितरण रैकेट से जुड़ी साजिश और तस्करी के आरोप लगाए गए हैं। फ्लोरिडा के मिडिल डिस्ट्रिक्ट में एक फेडरल ग्रैंड जूरी के आरोप के मुताबिक, स्वपनदीप रॉय, विक्की रामंचा और उनके साथियों ने अमेरिका में डिस्ट्रीब्यूटर्स को बहुत कम कीमत पर नकली ओजेम्पिक बेची।स्वपनदीप रॉय को इटली से अमेरिका लाया गया और मंगलवार को फ्लोरिडा के टाम्पा में कोर्ट में पेश किया गया।
नियम के अनुसार यदि दोनों दोषी पाए जाते हैं, तो दोनों को 71 साल की जेल हो सकती है। कोर्ट के दस्तावेजों के अनुसार, कम से कम जुलाई 2023 से अप्रैल 2024 तक, रॉय और रामंचा ने कथित तौर पर चीन में अनधिकृत स्रोतों से नकली ओजेम्पिक हासिल की। रॉय, रामंचा और उनके साथियों द्वारा कथित तौर पर बांटी गई नकली ओजेम्पिक में नकली पैकेजिंग, पैकेज इंसर्ट, पेन लेबल और सुइयां शामिल थीं, जिनका मकसद ग्राहकों को यह विश्वास दिलाकर धोखा देना था कि वे निर्माता द्वारा अधिकृत असली ओजेम्पिक खरीद रहे हैं।
दिसंबर 2023 में FDA द्वारा नकली ओजेम्पिक की कुछ खेप जब्त करने और इन उत्पादों के बारे में सार्वजनिक चेतावनी जारी करने के बाद भी यह गोरखधंधा जारी रहा। रॉय और रामंचा पर तस्करी करने और अमेरिका को धोखा देने की साजिश रचने का एक आरोप, तस्करी के तीन आरोप, और नकली दवाएं बेचने व बिक्री के लिए नकली दवाएं रखने के दो आरोप लगाए गए हैं। न्याय विभाग के एक बयान में कहा गया है कि अगर दोषी ठहराया जाता है, तो रॉय और रामंचा में से हर एक को अधिकतम 71 साल की जेल की सज़ा हो सकती है।
न्याय विभाग के आपराधिक प्रभाग के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल ए. टाइसन डुवा ने कहा, "नकली प्रिस्क्रिप्शन दवाएं, खासकर आम दवाएं उन सभी अमेरिकियों की सेहत और सुरक्षा के लिए खतरा हैं जो हमारी दवा आपूर्ति की विश्वसनीयता पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा किआरोप है कि इन लोगों ने खुद पैसे कमाने के लिए लोगों की सेहत का गलत फायदा उठाया। जो कोई भी नकली दवाओं से अमेरिकी ग्राहकों को धोखा देने की कोशिश करेगा, हम उसके खिलाफ कार्रवाई करते रहेंगे।