Nuclear Plant Zaporizhzhia Drone Strike: दुनिया के तीसरे सबसे बड़े न्यूक्लियर पावर प्लांट पर एक बड़ा और बेहद खतरनाक ड्रोन हमला हुआ है। यूक्रेन की सेना ने इस प्लांट के अहम हिस्से को सीधा निशाना बनाया है। इस बड़े हमले के बाद न्यूक्लियर प्लांट की भारी सुरक्षा को लेकर कई गंभीर और डराने वाले सवाल उठ खड़े हुए हैं।
यूरोप के सबसे बड़े और दुनिया के तीसरे सबसे बड़े जापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट पर गंभीर हमला हुआ है। रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम के प्रमुख एलेक्सी लिखाचेव ने इस बड़े हमले की पुष्टि की है। शनिवार दोपहर को यूक्रेन के एक लड़ाकू ड्रोन ने प्लांट की यूनिट 6 को अपना सीधा निशाना बनाया।
इस बेहद खतरनाक ड्रोन हमले के कारण यूनिट 6 की टर्बाइन बिल्डिंग के पास एक जोरदार धमाका हुआ। गनीमत यह रही कि इस बड़े धमाके से प्लांट के मेन इक्विपमेंट को कोई भारी नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि, इस भयानक विस्फोट के कारण टर्बाइन की बाहरी दीवार में एक बड़ा छेद जरूर हो गया।
रोसाटॉम के प्रमुख ने बताया कि यह कोई साधारण ड्रोन नहीं था, बल्कि इसे फाइबर ऑप्टिक्स से कंट्रोल किया जा रहा था। इसका सीधा मतलब यह है कि यह हमला गलती से नहीं हुआ, बल्कि पूरी तरह से जानबूझकर किया गया था। इस ड्रोन की सटीकता ने किसी भी एक्सीडेंटल इम्पैक्ट की संभावना को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। रूसी न्यूज एजेंसी तास के अनुसार, यह अंतरराष्ट्रीय इतिहास में किसी न्यूक्लियर प्लांट पर पहला ऐसा टारगेटेड हमला है। लिखाचेव ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यूक्रेनी सेना अब रेड लाइन और कॉमन सेंस की हदें पार कर रही है। उन्होंने भारी चिंता जताई कि भविष्य में सीधे रिएक्टर या उसके सेफ्टी सिस्टम पर भी ऐसा घातक हमला हो सकता है।
रोसाटॉम प्रमुख ने कहा कि इस तरह के गंभीर हमलों का असर केवल रूस या यूक्रेन तक ही सीमित नहीं रहेगा। अगर भविष्य में कोई बड़ी न्यूक्लियर दुर्घटना होती है, तो बहुत दूर रहने वाले लोगों पर भी इसका भयानक असर पड़ेगा। जो देश खुद को पूरी तरह से सेफ मान रहे हैं, उन्हें भी इस न्यूक्लियर खतरे से भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यूक्रेनी सेना के इस बेहद खतरनाक बर्ताव पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। कई देश न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हो रहे इन गंभीर हमलों को शायद उतनी ज्यादा गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। लेकिन दुनिया अब एक ऐसी बड़ी न्यूक्लियर घटना के बेहद करीब आ गई है, जो हम सबके लिए विनाशकारी साबित हो सकती है।
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यूक्रेनी सेना द्वारा इस न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाने की यह कोई पहली और अकेली घटना बिल्कुल नहीं है। इसी महीने की शुरुआत में भी जापोरिज्जिया प्लांट की बाहरी रेडिएशन मॉनिटरिंग लैब पर ड्रोन से सीधा हमला हुआ था। लगातार हो रहे इन ड्रोन हमलों के कारण न्यूक्लियर प्लांट की सुरक्षा अब पूरी तरह से खतरे में आ गई है।
जापोरिज्जिया न्यूक्लियर पावर प्लांट कुल क्षमता के हिसाब से दुनिया में तीसरे नंबर का सबसे बड़ा ऊर्जा संयंत्र है। यूरोप महाद्वीप में इससे बड़ा कोई और परमाणु ऊर्जा प्लांट मौजूद नहीं है, जो इसकी अहमियत को और बढ़ा देता है। ऐसे विशाल और संवेदनशील प्लांट पर सीधा सैन्य हमला पूरी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ी चिंता का विषय बन गया है।