

UAE Barakah Nuclear Power Plant Drone Attack: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यूएई के बाराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट पर रविवार को एक संदिग्ध ड्रोन हमला हुआ है। इस हमले के बाद संयंत्र के बाहरी हिस्से में भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ड्रोन स्ट्राइक बाराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट की मुख्य सुरक्षा दीवार के बाहर बने एक जनरेटर रूम पर हुआ। अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने पुष्टि की है कि हमले के तुरंत बाद जनरेटर में आग भड़क उठी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन सेवाओं और सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की और समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
राहत की बात यह है कि इस पूरी घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है। यूएई की फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने तकनीकी जांच के बाद स्पष्ट किया है कि प्लांट के सभी महत्वपूर्ण सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि इस हमले से रेडियोलॉजिकल सुरक्षा स्तरों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है और परमाणु रिएक्टर पूरी तरह सुरक्षित हैं।
बाराकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट यूएई के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। लगभग 20 अरब डॉलर की भारी लागत से तैयार यह प्लांट दक्षिण कोरिया के सहयोग से बनाया गया था और साल 2020 में यह पूरी तरह चालू हुआ था। उल्लेखनीय है कि यह अरब प्रायद्वीप का पहला और एकमात्र सक्रिय परमाणु ऊर्जा संयंत्र है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा पूरा करता है।
फिलहाल, इस ड्रोन हमले की जिम्मेदारी किसी भी समूह या संगठन ने नहीं ली है। यूएई प्रशासन ने हमले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पूरे क्षेत्र में सामरिक सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। प्रशासन ने बताया है कि भविष्य में ऐसे खतरों से निपटने के लिए देश के सभी महत्वपूर्ण ऊर्जा और परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए काम चालू है।