रूस-यूक्रेन में ड्रोन हमला, फोटो (सो.सोशल मीडिया) 
विदेश

शांति वार्ता पर छाया बादल! जिनेवा समिट से ठीक पहले रूस-यूक्रेन में ड्रोन हमला, दो नागरिकों की मौत

Drone Strikes Odesa: रूस-यूक्रेन के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली महत्वपूर्ण शांति वार्ता से ठीक पहले दोनों देशों में घातक ड्रोन हमले हुए हैं, जिसमें एक बुजुर्ग महिला सहित दो नागरिक मारे गए।

अमन उपाध्याय

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए अगले सप्ताह जिनेवा में होने वाली शांति वार्ता से पहले हिंसा की ताज़ा घटनाओं ने कूटनीतिक गलियारों में चिंता पैदा कर दी है। शनिवार को अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों देशों की सीमाओं के भीतर हुए ड्रोन हमलों में कम से कम दो नागरिकों की मौत हो गई है।

युद्ध के मैदान में ताज़ा तबाही

यूक्रेन की राज्य आपातकालीन सेवा के अनुसार, रूस के एक ड्रोन ने यूक्रेन के बंदरगाह शहर ओडेसा में एक आवासीय इमारत को निशाना बनाया जिसमें एक बुजुर्ग महिला की जान चली गई। दूसरी ओर, रूस के सीमावर्ती क्षेत्र ब्रयांस्क के गवर्नर अलेक्जेंडर बोगामाज ने बताया कि यूक्रेनी ड्रोन हमले में एक कार को निशाना बनाया गया जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई। ये हमले बेलगोरोद में हुए उस यूक्रेनी मिसाइल हमले के ठीक एक दिन बाद हुए हैं जिसमें दो लोगों की मौत हुई थी और पांच घायल हुए थे।

जिनेवा में शांति वार्ता की तैयारी

युद्ध के चार साल पूरे होने से ठीक पहले, अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के दूतों के बीच अगले सप्ताह जिनेवा में नए दौर की बातचीत होने जा रही है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पुष्टि की है कि यह चर्चा मंगलवार और बुधवार को आयोजित की जाएगी। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के संचार सलाहकार दिमित्रो लिट्विन ने भी इस वार्ता की पुष्टि की है।

चुनौतियां और गतिरोध

शांति की इन कोशिशों के बीच जमीनी हकीकत काफी कठिन बनी हुई है। वर्तमान में लगभग 1,250 किलोमीटर लंबी फ्रंट लाइन पर भीषण लड़ाई जारी है। रूस लगातार यूक्रेन के नागरिक क्षेत्रों और बिजली ग्रिड पर बमबारी कर रहा है जबकि कीव रूसी धरती पर मौजूद युद्ध संपत्तियों को ड्रोन से निशाना बना रहा है। इससे पहले अबू धाबी में हुई वार्ता के दो दौर विफल रहे थे क्योंकि डोनबास क्षेत्र के भविष्य जैसे कठिन मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई थी।

जून की समय सीमा का दबाव

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पिछले सप्ताह संकेत दिया था कि अमेरिका ने दोनों देशों को समझौता करने के लिए जून तक की समय सीमा दी है। हालांकि, पूर्व में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई ऐसी कई समय सीमाएं बिना किसी परिणाम के बीत चुकी हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें जिनेवा पर टिकी हैं कि क्या इस बार कूटनीति युद्ध की आग को ठंडा कर पाएगी।

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