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ब्रिटेन में मां-बेटी की मौत के मामले में दो लोगों को 28 साल की जेल।
हरदीप भाचू को 12 और जसकमल रियात को 16 साल की सजा।
40 मील प्रति घंटे की सीमा वाली सड़क पर करीब 90 मील प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी कार।
Indian Origin Men Jailed in Britain: ब्रिटेन में सड़क पर तेज रफ्तार कारों से रेस लगाने के कारण एक महिला और उसकी चार साल की बेटी की मौत हो गई। इस मामले में भारतीय मूल के दो लोगों को कुल 28 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। दोनों आरोपी जनवरी 2023 में उत्तरी इंग्लैंड के लीड्स में हुई इस दुर्घटना के लिए दोषी पाए गए।
मृतकों की पहचान 27 वर्षीय जस्टिना हुल्बोज और उनकी चार साल की बेटी लेना चिपचोर के रूप में हुई है। दोनों स्कूल जा रही थीं, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा स्कॉट हॉल रोड पर हुआ था। मामले में 37 वर्षीय कार सेल्समैन जसकमल रियात बीएमडब्ल्यू एम135आई चला रहे थे।
जबकि 29 वर्षीय हरदीप भाचू ऑडी टीटी आरएस में सवार थे। जांच में सामने आया कि दोनों दुर्घटना से कुछ मिनट पहले सड़क पर एक-दूसरे से रेस लगा रहे थे। इसी दौरान भाचू की कार अनियंत्रित होकर फुटपाथ पर चढ़ गई और मां-बेटी को टक्कर मार दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
सुनवाई के दौरान बताया गया कि दोनों आरोपी एक-दूसरे को पहले से नहीं जानते थे। हादसे से कुछ मिनट पहले वे ट्रैफिक सिग्नल पर अपनी कारों में अगल-बगल खड़े थे। इसी दौरान उन्होंने कार की खिड़कियों से बातचीत की और अपनी गाड़ियों की ताकत की तारीफ की।
अदालत में पेश डैशकैम फुटेज और रियात के फोन की रिकॉर्डिंग से रेस लगाने की बात सामने आई। बताया गया कि भाचू 40 मील प्रति घंटे की सीमा वाली सड़क पर करीब 90 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चला रहे थे। इसी दौरान उनकी कार ने सड़क किनारे कर्ब से टक्कर खाई और नियंत्रण खोने के बाद फुटपाथ पर चढ़ गई।
भाचू ने जून 2024 में खतरनाक ड्राइविंग से मौत का कारण बनने का अपराध स्वीकार कर लिया था। उन्हें 12 साल की जेल हुई। वहीं, रियात ने जिम्मेदारी से इनकार किया, लेकिन अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 16 साल की सजा सुनाई।
दोनों पर छह साल तक गाड़ी चलाने पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। उन्हें दोबारा ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। सजा सुनाते हुए जज रे सिंह ने कहा कि सड़क रेसिंग ट्रैक नहीं है और सार्वजनिक सड़क पर तेज रफ्तार के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस के अधिकारी पॉल कॉनरॉय ने कहा कि इस घटना में एक मां और उसकी छोटी बेटी की जान गई, जिसकी भरपाई कोई सजा नहीं कर सकती।