

Highlights:
डेमोक्रेट्स की जीत से ईरान युद्ध पर ट्रंप प्रशासन का दबाव बढ़ सकता है।
यूक्रेन को अमेरिकी सैन्य और वित्तीय सहायता दोबारा बढ़ाने की कोशिश हो सकती है।
इजरायल की सैन्य मदद, रक्षा बजट और विदेशी सहायता पर नए फैसले संभव हैं।
Donald Trump US Midterm Election: अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ी राजनीतिक परीक्षा माने जा रहे हैं। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को प्रतिनिधि सभा और सीनेट में बढ़त मिलने की संभावना है। अगर डेमोक्रेट्स कांग्रेस के एक या दोनों सदनों पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं, तो ट्रंप प्रशासन के फैसलों पर अंकुश लगाने की उनकी ताकत बढ़ सकती है। इसका असर अमेरिका की विदेश नीति, रक्षा बजट और दूसरे देशों को मिलने वाली आर्थिक एवं सैन्य सहायता पर भी पड़ सकता है।
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर ट्रंप प्रशासन और डेमोक्रेट्स के बीच मतभेद रहे हैं। डेमोक्रेट्स का कहना है कि लंबे समय तक युद्ध जारी रखने के लिए कांग्रेस की भूमिका जरूरी है। यदि पार्टी को सदनों में बहुमत मिलता है, तो वह रक्षा बजट और संसदीय सुनवाई के जरिए प्रशासन पर युद्ध से जुड़े फैसलों को लेकर जवाबदेही बढ़ाने का दबाव बना सकती है।
रूस के हमले का सामना कर रहे यूक्रेन के लिए अमेरिकी सैन्य और वित्तीय सहायता भी चुनाव के बाद महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है। डेमोक्रेट्स कांग्रेस में प्रभाव बढ़ने पर यूक्रेन की मदद के लिए नए प्रस्ताव आगे बढ़ा सकते हैं। हालांकि, किसी भी प्रस्ताव की सफलता सदनों में समर्थन और राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।
गाजा में युद्ध और फिलिस्तीनी नागरिकों की मौतों को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर इजरायल को दी जाने वाली सहायता पर बहस तेज हुई है। कांग्रेस में मजबूत स्थिति मिलने पर डेमोक्रेट्स इजरायल को हथियारों की आपूर्ति पर शर्तें लगाने या कुछ सैन्य सहायता सीमित करने की कोशिश कर सकते हैं। अमेरिका ने इजरायल को पिछले वर्षों में बड़े पैमाने पर सैन्य सहायता दी है।
ट्रंप प्रशासन रक्षा खर्च बढ़ाने और विदेशी सहायता से जुड़े फैसलों को लेकर भी चर्चा में रहा है। डेमोक्रेट्स सैन्य बजट में प्रस्तावित बढ़ोतरी का विरोध कर सकते हैं और पहले रोकी गई विदेशी सहायता बहाल करने की कोशिश कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, मध्यावधि चुनाव का नतीजा केवल अमेरिकी राजनीति ही नहीं, बल्कि ईरान, यूक्रेन और इजरायल के प्रति वाशिंगटन की नीतियों को भी प्रभावित कर सकता है। हालांकि, नीतिगत बदलाव इस बात पर निर्भर करेंगे कि डेमोक्रेट्स कितनी सीटें जीतते हैं और कांग्रेस में उन्हें कितना समर्थन मिलता है।