Trump Iran Deadline Masoud Pezeshkian Statement: मध्य पूर्व में तनाव एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है जहां से वापसी की राहें बेहद संकरी नजर आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दिए गए 'मिडनाइट अल्टीमेटम' की समय सीमा जैसे-जैसे नजदीक आ रही है तेहरान ने बेहद आक्रामक खरुख अख्तियार कर लिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उनके देश के नागरिक किसी भी विदेशी हमले के खिलाफ अपनी जान की बाजी लगाने से पीछे नहीं हटेंगे।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के माध्यम से वैश्विक समुदाय और विशेष रूप से अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 1.4 करोड़ से अधिक गर्वित ईरानी नागरिकों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने की तत्परता जाहिर की है।
पेजेशकियन ने भावुक होते हुए लिखा, 'मैं स्वयं भी ईरान के लिए बलिदान होने के लिए तैयार रहा हूं, और रहूंगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन ने ईरान को बातचीत की मेज पर आने या गंभीर परिणाम भुगतने की अंतिम चेतावनी दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में ईरान को मंगलवार रात 8:00 बजे (वाशिंगटन समय) तक का समय दिया है। ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान इस समय सीमा तक Strait of Hormuz को फिर से खोलने और समझौते के लिए तैयार नहीं होता तो अमेरिका ईरान के प्रत्येक बिजली उत्पादन संयंत्र और पुलों पर भीषण बमबारी शुरू कर देगा।
Trump ने व्हाइट हाउस की ब्रीफिंग में कहा, 'पूरे देश को एक ही रात में खत्म किया जा सकता है और वह रात कल की रात हो सकती है।' उन्होंने यह भी कहा कि इन हमलों के बाद ईरान Stone Age में वापस चला जाएगा।
अमेरिकी हवाई हमलों के खतरे को देखते हुए ईरान ने एक अनोखी रक्षा रणनीति अपनाई है। ईरान के खेल उप मंत्री अलीरेजा रहीमी ने देश के एथलीटों, कलाकारों, छात्रों और शिक्षकों से अपील की है कि वे बिजली संयंत्रों के आसपास 'मानवीय श्रृंखला' (Human Chains) बनाएं।
रहीमी ने एक वीडियो संदेश में कहा कि ये संयंत्र देश की संपत्ति हैं और इनकी रक्षा करना नागरिकों का कर्तव्य है। यह कदम स्पष्ट रूप से अमेरिकी हमलों को रोकने के लिए 'ह्यूमन शील्ड' या मानवीय ढाल के रूप में उपयोग करने का प्रयास है।
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ट्रंप ने बताया कि वाशिंगटन ने तेहरान को समझौते के लिए पर्याप्त समय दिया था। उनके अनुसार, ईरान ने सात दिनों के विस्तार की मांग की थी लेकिन उन्होंने उन्हें 10 दिन दिए। अब यह समाप्त होने वाला है और ट्रंप का कहना है कि यह एक 'महत्वपूर्ण अवधि' है। यदि कोई समझौता नहीं होता है तो चार घंटे की समय सीमा के भीतर ईरान के बुनियादी ढांचे को तबाह करने की योजना है। फिलहाल पूरी दुनिया की निगाहें इस 'डेडलाइन' पर टिकी हैं जो वैश्विक स्थिरता के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।