White House State Dinner For King Charles III: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने एक खास दुश्मन को सैन्य रूप से पराजित किया है और उसे फिर से ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उस दुश्मन को कभी भी परमाणु हथियार रखने नहीं दिए जाएंगे। यह बयान उन्होंने व्हाइट हाउस में ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय के सम्मान में आयोजित स्टेट डिनर के दौरान दिया।
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी हालत में यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि किंग चार्ल्स भी इस विचार से पूरी तरह सहमत हैं। ट्रंप ने कहा, हम कभी भी उस विरोधी को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व में चल रहे हालात में बेहतर स्थिति में है और वहां सैन्य स्तर पर उसकी स्थिति मजबूत बनी हुई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी उल्लेख किया कि अमेरिका और ब्रिटेन ने मिलकर इतिहास में कई बार कम्युनिज़्म, फासीवाद और तानाशाही शक्तियों के खिलाफ एक साथ संघर्ष किया है। उनके अनुसार दोनों देशों की साझेदारी केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक और रणनीतिक भी है।
वहीं, किंग चार्ल्स तृतीय ने भी संबोधन किया और नाटो तथा ऑकस जैसे सैन्य गठबंधनों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन साझेदारियों से तकनीकी सहयोग और रक्षा क्षमता को और अधिक मजबूत किया जा सकता है।
किंग चार्ल्स तृतीय इस समय चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर अमेरिका में हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने अमेरिकी संसद अमेरिकी कांग्रेस को भी संबोधित किया। यह दूसरी बार था जब ब्रिटेन के सम्राट ने अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया है। इससे पहले उनकी मां, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय, ने भी इस मंच से भाषण दिया था।
अपने संबोधन में किंग चार्ल्स ने अमेरिका और ब्रिटेन के लंबे साझा इतिहास का उल्लेख किया और कहा कि दोनों देशों के रिश्ते सदियों पुराने हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की नींव साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर टिकी है, जो उनकी शासन प्रणालियों का आधार हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि “ब्रिटेन और अमेरिका की विशेष साझेदारी केवल अतीत की सफलताओं पर निर्भर नहीं रह सकती, खासकर ऐसे समय में जब दुनिया तेजी से बदल रही है।” किंग चार्ल्स ने रक्षा क्षेत्र में और अधिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया और यह भी कहा कि यूक्रेन को समर्थन देना जरूरी है ताकि यूरोप में स्थायी शांति स्थापित की जा सके।
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स्टेट डिनर के दौरान उन्होंने नाटो और ऑकस जैसे गठबंधनों को आधुनिक सुरक्षा ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनके अनुसार, इन सहयोगों के जरिए तकनीकी और सैन्य साझेदारी को और मजबूत किया जा सकता है, जिससे वैश्विक चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना किया जा सके।