Trump Claims Complete Control Over Strait Of Hormuz: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता तो करना चाहता है, लेकिन वह अभी सही डील के लिए तैयार नहीं है। ट्रंप ने कहा कि उनका देश फिलहाल इस पूरे टकराव पर नजर बनाए हुए है और देख रहा है कि आगे क्या होता है।
इसके साथ ही ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वाले पूरे समुद्री और जमीनी क्षेत्र पर अमेरिका का नियंत्रण होने की बात कही है। उन्होंने ईरान की खराब हालत पर तंज कसते हुए दावा किया कि वहां पैसा पूरी तरह खत्म हो चुका है और वहां महंगाई दर 350 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
पूरी दुनिया में तेल के व्यापार के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का यह समुद्री रास्ता बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण के डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के गहरे कूटनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। इस बयान से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है और वैश्विक बाजार भी चिंतित है।
ट्रंप का दावा है कि ईरान की आर्थिक कंगाली इतनी बढ़ गई है कि वह अपने सैनिकों को वेतन तक नहीं दे पा रहा है। उनके अनुसार ईरान के पास न तो वायुसेना बची है और न ही नौसेना। इस आर्थिक दबाव के जरिए अमेरिका ईरान पर अपनी शर्तों पर समझौता करने का लगातार दबाव बना रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप के इन बयानों के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने अपनी मजबूत तैयारियों का प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय रक्षा उद्योग दिवस के अवसर पर सैन्य प्रमुख अहमद वाहिदी ने कहा कि उनके देश ने दुश्मनों से निपटने के लिए एक मजबूत रक्षा कवच तैयार कर रखा है जो पूरी तरह सुरक्षित है।
अहमद वाहिदी ने साफ तौर पर कहा कि ईरान पर लगाए गए कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद देश ने पीछे मुड़कर नहीं देखा है। इन आर्थिक दबावों के बीच भी ईरान ने अपनी रक्षात्मक और आक्रामक सैन्य शक्ति को लगातार मजबूत किया है, जिससे वह हर खतरे का सामना करने के लिए तैयार है।
वर्तमान में एक तरफ जहां ट्रंप का दावा है कि ईरान अभी सही समझौते के मूड में नहीं है, वहीं दूसरी तरफ ईरान अपनी सैन्य ताकत दिखाकर कड़ा संदेश दे रहा है। दोनों देशों के इस अड़ियल रुख से साफ है कि बढ़ते तनाव के बीच समझौते की राह फिलहाल बहुत मुश्किल नजर आ रही है।