Trump Assassination Plot FBI Action: दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले व्हाइट हाउस में एक बहुत बड़ी और खौफनाक साजिश रची गई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जन्मदिन पर आयोजित UFC इवेंट में उन्हें निशाना बनाने की पूरी तैयारी की गई थी। इस योजना में ड्रोन और स्नाइपर का इस्तेमाल करके बड़े नेताओं को मारने का भयानक षड्यंत्र रचा गया था। लेकिन समय रहते सुरक्षा खुफिया एजेंसियों ने इस बड़े हमले को पूरी तरह रोक कर बड़ी तबाही टाल दी।
एफबीआई ने इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए पांच संदिग्ध लोगों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 19 साल का टायसन प्रॉपर भी शामिल है जिसके पास भारी मात्रा में हथियार मिले हैं। टायसन की मां ने ही पुलिस को उसके चरमपंथी समूह से जुड़े होने की अहम जानकारी दी थी जिससे पुलिस सतर्क हुई। इस खबर के सामने आने के बाद पूरी दुनिया में नेताओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस फिर से छिड़ गई है।
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार हमलावरों की योजना इवेंट के ऊपर विस्फोटकों से लैस ड्रोन उड़ाने की थी। ड्रोन हमले से वहां भारी भगदड़ मच जाती जिससे अंदर मौजूद लोगों को बाहर भागने पर मजबूर होना पड़ता। इसके बाद स्नाइपर शूटर भागती हुई भीड़ में मौजूद टारगेट पर आसानी से अपनी गोली चलाने वाले थे। लेकिन FBI ने समय रहते इस पूरी आतंकी साजिश को अच्छी तरह से नाकाम कर लोगों की जान बचाई।
दस जून को ओहायो में 19 वर्षीय टायसन प्रॉपर को अमेरिकी एजेंसियों ने सुरक्षा घेरे में हिरासत में लिया था। उसकी मां ने पुलिस को टिप दी थी कि वह इंटरनेट पर एक चरमपंथी समूह के सीधे संपर्क में था। न्याय विभाग ने बताया कि टायसन ने अपने घर में हजारों खतरनाक गोलियां और भारी हथियार जमा कर रखे थे। उसने अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों सहित कई बड़े नेताओं को मारने के लिए अपना टारगेट भी पहले ही तय किया था।
यह भी पढ़ें: US Iran Deal: यूएस ईरान डील में छिपे बैक चैनल वादे, भविष्य की बातचीत के लिए शर्तें रखी गईं धुंधली
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी व्हाइट हाउस के इस बड़े UFC इवेंट में पूरी तरह से मौजूद थे। उन्होंने फॉक्स न्यूज पर कहा कि उन्हें हाल ही में इस पूरी नाकाम साजिश के बारे में पता चला है। वेंस ने इसे एक बहुत ही सोची-समझी और योजनाबद्ध आतंकवादी साजिश करार दिया है। उन्होंने वामपंथी समूहों की जांच की बात कही और डेमोक्रेटिक पार्टी के भड़काऊ बयानों की भी कड़ी आलोचना की।