ढाका: बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल हिंसा और बवाल अब हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार में बदलता जा रहा है। जिसे लेकर देश की राजधानी में लगातार प्रदर्शन का दौर चल रहा है। मंगलवार को भी यहां हिंसा की भेंट चढ़े लोगों के परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। जिसके बाद कुछ छोटी मोटी हिंसक झड़पें भी देखने को मिलीं।
मंगलवार को अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के लोदों ने ढाका में जमुना स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। जमुना स्टेट गेस्ट हाउस वह जगह है जहां बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस रह रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने देश में हिंसा की घटनाओं के दौरान लापता हुए अपने परिवार के सदस्यों के पोस्टर पकड़े हुए हैं।
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प्रदर्शन के दौरान देश में हिंसा की घटनाओं के दौरान लापता हुए अपने परिवार के सदस्यों के पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते हुए नजर आए। इस दौरान यहां अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के सदस्यों और सेना के जवानों के बीच मामूली झड़प हुई। लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार सुरक्षा की मांग करते रहे।
अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के एक सदस्य अपने लापता बेटे का पोस्टर लेकर लगातार यह चिल्लाता हुआ देखा गया कि उसे उसके बच्चे के लिए न्याय चाहिए। उसका कहना है, "मैं अपनी जान दे दूंगा, लेकिन मुझे अपने बच्चे के लिए न्याय चाहिए। मेरा बच्चा कहां है? मैं अपने बच्चे के बारे में पूछताछ करने के लिए दर-दर भटक रहा हूं, लेकिन कोई मेरी बात नहीं सुन रहा है।"
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आपको बता दें कि बांग्लादेश में स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट और शेख हसीना के इस्तीफे के यहां अंतरिम सरकार का गठन भी चुका है। लेकिन इस बीच स्टूडेंट्स प्रोटेस्ट का फायदा उठाते हुए अराजक तत्वों ने अल्पसंख्यक हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाया है।