थाईलैंड-कंबोडिया में भीषण जंग शुरू, फोटो (सो. आईएएनएस ) 
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थाईलैंड-कंबोडिया में भीषण जंग शुरू, गोलाबारी में कई लोगों की दर्दनाक मौत, हालात बेकाबू

Thailand Cambodia War: दक्षिण कोरिया में हालिया समिट के दौरान हुआ थाईलैंड-कंबोडिया सीजफायर अब टूट गया है। सीमा पर नए सिरे से हिंसा शुरू होने के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमला करने का आरोप...

अमन उपाध्याय

Thailand Cambodia Border Clash: थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति की मध्यस्थता में दक्षिण कोरिया में आयोजित समिट के दौरान दोनों पक्षों ने सीजफायर समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन यह शांति ज्यादा समय तक टिक नहीं सकी। रविवार दोपहर से शुरू हुई झड़पें गुरुवार सुबह तक जारी रहीं, जिसमें दोनों देशों को भारी जनहानि झेलनी पड़ी है।

थाईलैंड रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सुरसंत कोंगसिरी के अनुसार, सीमा पर हुई गोलीबारी और संघर्ष में नौ थाई सैनिकों की मौत हो गई है, जबकि 120 से अधिक सैनिक और नागरिक घायल हुए हैं। लगातार बढ़ती हिंसा के कारण हालात इतने बिगड़ गए कि करीब 2 लाख थाई नागरिकों को अपने घर छोड़कर रिफ्यूजी कैंपों में शरण लेनी पड़ी। प्रवक्ता ने बताया कि अब तक 849 रिफ्यूजी कैंप स्थापित किए जा चुके हैं और कम से कम तीन रिफ्यूजी की मौत की पुष्टि हुई है।

थाईलैंड पर हमले तेज करने का आरोप

दूसरी ओर, कंबोडिया ने भी थाईलैंड पर हमले तेज करने का आरोप लगाया है। कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय के अवर सचिव और प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल माली सोचेता ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि थाई सेना की फायरिंग में 10 कंबोडियाई नागरिक मारे गए हैं, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, जबकि 60 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि थाई सेना ने कंबोडियाई क्षेत्र में कई स्थानों पर तोप के गोले दागे, जिससे स्थानीय आबादी में दहशत फैल गई है।

घायलों के उपचार में मुश्किलें

संघर्ष की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सीमा से लगे करीब 200 अस्पताल और क्लिनिक सेवाओं में बाधित हो गए हैं। चिकित्सा सुविधाओं पर असर पड़ने के कारण घायलों के उपचार में भी मुश्किलें आ रही हैं।

थाईलैंड के सेकंड आर्मी एरिया कमांड ने सोशल मीडिया पर बताया कि झड़पें अभी भी कई इलाकों में जारी हैं। कंबोडियाई सेना ने थाईलैंड के उबोन रत्चथानी और सिसाकेट प्रांतों के कई हिस्सों में फायरिंग की है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।

सीमा संघर्ष के पीछे वास्तविक कारणों पर अभी दोनों देशों ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन यह साफ है कि हालिया शांति प्रक्रिया को भारी झटका लगा है। कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद लगातार बढ़ती हिंसा ने क्षेत्र में नई अस्थिरता पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द बातचीत शुरू नहीं हुई, तो यह विवाद बड़े सैन्य संघर्ष का रूप ले सकता है।

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