पाकिस्तानी विदेश मंत्री के बयान पर अफगानिस्तान की प्रतिक्रिया (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

रिश्ते और बिगड़ेंगे...पाकिस्तानी विदेश मंत्री के बयान पर भड़का तालिबान, खोली 'आतंकिस्तान' की पोल

Pak-Afghan Conflict: अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार के झूठे दावों को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने अफगान मंत्री से छह बार संपर्क करने की कोशिश की थी।

अक्षय साहू

Afghanistan Slams Ishaq Dar: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है। इसी बीच अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात ने पाकिस्तान पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। अफगान सरकार ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार के उस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि डार ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी से छह बार संपर्क करने की कोशिश की थी।

अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात के विदेश मंत्रालय के जनसंपर्क प्रमुख हाफिज जिया अहमद तकाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि दोनों देशों के बीच बातचीत आपसी समझ और समन्वय के आधार पर हुई थी। उन्होंने कहा कि इशाक डार ने पहले स्थिति से अनभिज्ञता जताई थी और कहा था कि वह पूरी जानकारी मिलने के बाद फिर से संपर्क करेंगे। इसके बाद एक और कोशिश की गई, लेकिन विभिन्न कारणों के चलते संपर्क स्थापित नहीं हो सका।

तालिबान पर दबाव बनाने की कोशिश

तकाल ने इशाक डार के ताजा बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान और कूटनीतिक रिश्तों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि, पाकिस्तान सरकार अफगानिस्तान पर दबाव बनाने के लिए विभिन्न उपायों का सहारा ले रही है। इससे पहले पाकिस्तान ने सैन्य दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन जब वह नाकाम रहा, तो उसने अफगानिस्तान से लगी अपनी सीमा को बंद कर दिया। इसके बाद, पाकिस्तान में रह रहे अफगान शरणार्थियों को परेशान करना शुरू किया और अब वह झूठे बयान जारी करके तालिबान को गलत साबित करने की कोशिश कर रहा है।

डार ने इमरान सरकार पर लगाया आरोप

वहीं, बुधवार को इशाक डार पाकिस्तानी संसद में तालिबान के साथ हाल के दिनों में हिंसक झड़प को लेकर बोलते हुए सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया कि पाकिस्तान की तालिबान नीति ने देश की आंतरिक सुरक्षा को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक भूल बताया और कहा कि अब पाकिस्तान को अपनी गलतियों से सीखने का समय आ चुका है।

डार ने अपने बयान में अप्रत्यक्ष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और आईएसआई के पूर्व प्रमुख, लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद पर निशाना साधा। डार का कहना था कि यही वे लोग थे जिन्होंने अफगान तालिबान से रिश्ते मजबूत करने की नीति अपनाई थी और इसे एक "सफल कूटनीतिक रणनीति" के रूप में प्रस्तुत किया था।

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