Sudan Gold Mine Collapse Report: सूडान के वेस्ट कोर्डोफान प्रांत से एक दर्दनाक खदान हादसा सामने आया है। सुदूरवर्ती क्षेत्र में अल-जारा सोने की खदान ढहने से कम से कम 67 खनिकों की दर्दनाक मौत हो गई है। मंगलवार देर रात हुए इस हादसे में कई मजदूर अभी भी भारी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। क्षेत्र में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, जिससे मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की गंभीर आशंका है।
सूडान के वेस्ट कोर्डोफान प्रांत में नूहूद शहर के पास स्थित अल-जारा सोने की खदान में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा हुआ। खदान का ऊपरी हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे अंदर काम कर रहे कई मजदूर भारी मलबे में दब गए।
हादसे के समय खदान में पारंपरिक और छोटे स्तर पर सोने का उत्खनन किया जा रहा था। अचानक मिट्टी और चट्टानों के धंसने से मजदूरों को बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, खदान का हिस्सा गिरने के बाद बड़ी संख्या में मजदूर अंदर फंस गए।
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। स्थानीय चिकित्साकर्मियों और हादसे में बच निकले खनिकों ने बुधवार को घटना की पुष्टि की।
चिकित्साकर्मियों के अनुसार, बचाव दल अब तक मलबे से 67 खनिकों के शव बाहर निकाल चुका है। हालांकि, खदान के अंदर अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। भारी मलबे और खदान की गहराई के कारण बचाव दल को राहत कार्य में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
अल-जारा सोने की खदान जिस इलाके में स्थित है, वह अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज यानी RSF के नियंत्रण में बताया जा रहा है। RSF पिछले तीन साल से अधिक समय से सूडान की नियमित सेना के साथ संघर्ष में है।
देश में जारी गृहयुद्ध और प्रशासनिक अस्थिरता के बीच दूरदराज के इलाकों में खनन गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक खनन उपकरणों की कमी के बीच पारंपरिक तरीके से काम करने वाले मजदूरों को जोखिम उठाना पड़ता है।
सूडान के ग्रामीण और सुदूर इलाकों में बड़ी संख्या में लोग आजीविका के लिए पारंपरिक सोने के खनन पर निर्भर हैं। कई जगहों पर मजदूर सीमित संसाधनों और सामान्य औजारों के सहारे गहरी खदानों में काम करते हैं।
तकनीकी जांच, सुरक्षित ढांचे और आधुनिक उपकरणों की कमी के कारण ऐसे इलाकों में खदान धंसने और अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता और संघर्ष की स्थिति ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।
हादसे के बाद बचाव दल मलबा हटाकर फंसे हुए मजदूरों को तलाशने में जुटे हैं। स्थानीय लोग और साथी खनिक भी साधारण औजारों की मदद से मलबा हटाने के प्रयास में शामिल हैं।
खदान की स्थिति और अंदर मौजूद भारी मलबे को देखते हुए राहतकर्मियों के सामने बड़ी चुनौती है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मलबे के नीचे कितने लोग फंसे हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। अल-जारा हादसा सूडान में पारंपरिक और असुरक्षित सोने के खनन से जुड़े जोखिमों को एक बार फिर सामने लाता है।