Iran Firing on Indian ships in Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में भारतीय तेल टैंकरों पर ईरानी नौसेना द्वारा की गई फायरिंग की घटना ने अब नया और विवादित मोड़ ले लिया है। इस हमले का शिकार हुए टैंकर 'सनमार हेराल्ड' से एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है, जिसमें जहाज के एक अधिकारी ईरानी नौसेना की वादाखिलाफी पर सवाल उठाते हुए सुनाई दे रहे हैं।
इस ऑडियो में भारतीय टैंकर के नाविक को यह कहते सुना जा सकता है, “आपने ही मुझे आगे बढ़ने का क्लीयरेंस (अनुमति) दिया था। आपकी सूची में मेरा नाम दूसरे नंबर पर है, लेकिन अब आप फायरिंग कर रहे हैं। मुझे वापस मुड़ने दीजिए।” यह घटना तेहरान के उन दावों के विपरीत है, जिसमें कहा गया था कि युद्ध में शामिल न होने वाले देशों के जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाएगा। हालांकि, नवभारत इस ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
आपको बता दें कि ईरानी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजर रहे दो भारतीय जहाजों को निशाना बनाया। इनमें से एक जग अर्नव था, जो भारतीय ध्वज वाला एक बल्क कैरियर है और सऊदी अरब के अल जुबैल से भारत की ओर आ रहा था। दूसरा टैंकर सनमार हेराल्ड था, जो इराक से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा था। दोनों जहाजों पर उस समय हमला किया गया जब वे होर्मुज से गुजर रहे थे।
इस घटना के बाद भारत ने कड़ा कूटनीतिक विरोध दर्ज कराया है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार शाम 6:30 बजे ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली को तलब किया। बैठक के दौरान विदेश सचिव ने जहाजों पर हुई फायरिंग को एक गंभीर घटना करार दिया और नाविकों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान को जल्द से जल्द भारत आने वाले जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना चाहिए।
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनियाभर का 20% कच्चा तेल गुजरता है, और यह समय वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है। 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से इस क्षेत्र में स्थिति और भी विस्फोटक हो गई है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालबाफ ने टीवी पर दिए अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी नहीं हटाता, यह जलमार्ग नहीं खुलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन कई बुनियादी मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं, और शांति समझौता अभी दूर है।