शेख हसीना, फोटो (सो.सोशल मीडिया) 
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यूनुस के फैसले से मचा हंगामा! हसीना के प्रत्यर्पण पर सरकार ने कसी कमर, क्या ढाका लौटेंगी पूर्व PM?

Sheikh Hasina Death Sentence: इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद, बांग्लादेश ने शेख हसीना और असदुज़्जमान खान को वापस देश लाने की कार्रवाई तेज कर दी है।

अमन उपाध्याय

Sheikh Hasina News:  बांग्लादेश में शेख हसीना को लेकर राजनीतिक हलचल एक नई और निर्णायक दिशा ले चुकी है। इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) की ओर से अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज़्जमान खान को मौत की सजा सुनाए जाने के एक दिन बाद अब उन्हें देश वापस लाने की प्रक्रिया में अत्यधिक तेजी आ गई है।

प्रॉसिक्यूटर गाजी मुनावर हुसैन तमीम ने मंगलवार को इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रॉसिक्यूशन इंटरपोल की सहायता लेने के लिए अपनी पुरानी अर्जी को अपडेट कर रहा है। तमीम ने पुष्टि की कि जल्द ही विदेश मंत्रालय के माध्यम से एक नया अनुरोध भेजा जाएगा जिसके आधार पर इंटरपोल नोटिस जारी किए जा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया पर काम शुरू हो चुका है। इंटरपोल नोटिस जारी होना बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा मोड़ ला सकता है, क्योंकि इससे विधिक प्रक्रिया के तहत इन नेताओं को वापस देश लाने का रास्ता खुल सकता है।

जनविद्रोह और मानवता-विरोधी अपराध

ट्रिब्यूनल-1 ने शेख हसीना और असदुज्जमान को दोषी करार दिया है। उन्हें पिछले साल जुलाई में हुए जनविद्रोह के दौरान कथित मानवता-विरोधी अपराधों के लिए दोषी पाया गया है। यह सजा तब सुनाई गई जब दोनों नेता अदालत में गैरहाजिर थे; ट्रिब्यूनल ने उन्हें गैरहाजिर रहने पर मौत की सजा सुनाई है। इसी मामले में, उस वक्त देश के पुलिस प्रमुख रहे चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को भी सजा दी गई है। उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई है। चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून ने अदालत में बतौर 'अप्रूवर' (सरकारी गवाह) गवाही दी थी। उनकी गवाही में घटनाओं का विस्तृत वर्णन शामिल था।

फैसले की अनुपालना और दोषियों का भविष्य

कानूनी प्रक्रिया के तहत, प्रॉसिक्यूटर तमीम ने बताया कि ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया है कि फैसले की प्रमाणित प्रतियां प्रॉसिक्यूशन को और उन आरोपियों को दी जाएंगी जो फैसले के दौरान अदालत में मौजूद थे।

जो दोषी इस समय फरार हैं (जैसे शेख हसीना और असदुज़्जमान), उन्हें भी फैसले की प्रमाणित प्रति मिलेगी, लेकिन इसके लिए एक शर्त रखी गई है। उन्हें 30 दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करना होगा या गिरफ्तार होना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त फैसले के अनुपालन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए, फैसले की एक अन्य प्रति ढाका के जिला मजिस्ट्रेट को भी भेजी जाएगी।

भारत में होने की अटकलें

बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और असदुज्जमान वर्तमान में भारत में होने की खबर है। यह दावा ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश उन्हें वापस लाने के लिए इंटरपोल की मदद लेने की प्रक्रिया तेज कर रहा है। यदि ये रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं, तो इंटरपोल नोटिस जारी होने के बाद कानूनी प्रत्यर्पण प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से देखी जाएगी

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