सऊदी में US एंबेसी पर हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

'यह इजरायल की चाल है...', सऊदी में US एंबेसी पर ड्रोन हमले ने ट्रंप की उड़ाई नींद, ईरान ने झाड़ा पल्ला

Riyadh US Embassy Attack: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हुए भीषण ड्रोन हमले में भारी नुकसान की खबर है। ईरान ने इस हमले में हाथ होने से इनकार करते हुए इजरायल पर शक जताया है।

अमन उपाध्याय

Saudi Riyadh US Embassy Attack News: पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव के बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर पिछले महीने हुए हमले को लेकर नए और सनसनीखेज खुलासे हुए हैं।  रिपोर्ट के अनुसार, 3 मार्च 2026 को हुए इस हमले में दूतावास को पहले बताए गए नुकसान की तुलना में कहीं अधिक क्षति पहुँची है। बताया जा रहा है कि इस हमले ने दूतावास की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र को हिलाकर रख दिया है।

ईरान का हमले से इनकार

इस हमले के लिए शुरुआती तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया जा रहा था लेकिन ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। IRGC ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि यह हमला ईरानी सेना द्वारा नहीं किया गया है। ईरान का दावा है कि यह हमला 'निश्चित रूप से इजरायल का काम' हो सकता है। तेहरान ने तर्क दिया है कि उसने पहले ही अपने संभावित सैन्य लक्ष्यों की एक सूची जारी कर दी थी और रियाद स्थित दूतावास उस सूची का हिस्सा नहीं था।

निशाने पर राजनयिक आवास

रिपोर्ट के अनुसार, रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर में स्थित दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया था। पहला ड्रोन एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देते हुए सीधे परिसर में जा गिरा जिसके तुरंत बाद दूसरे ड्रोन ने उसी स्थान पर धमाका किया। इस हमले में दूतावास की तीन मंजिलों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का स्टेशन भी इस हमले की चपेट में आया है। इसके अलावा, दूतावास से कुछ ही दूरी पर स्थित एक शीर्ष अमेरिकी राजनयिक के आवास को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई थी।

अमेरिकी हवाई ताकत को लगा बड़ा झटका

युद्ध के मैदान में भी अमेरिका के लिए स्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान ईरान ने अमेरिका के दो अत्याधुनिक फाइटर जेट्स को मार गिराने का दावा किया है। इसमें F-15 और A-10 थंडरबोल्ट जैसे शक्तिशाली विमान शामिल हैं जिन्हें अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ माना जाता है। पूर्व CIA अधिकारी बर्नार्ड हडसन के अनुसार, ये हमले दर्शाते हैं कि हमलावर अब लंबी दूरी से सटीक निशाना साधने में सक्षम हैं और अमेरिकी ठिकाने अब सुरक्षित नहीं रह गए हैं।

सऊदी अधिकारियों की शुरुआती चुप्पी

हमले के तुरंत बाद, सऊदी अधिकारियों ने इस घटना को एक मामूली आग बताकर टालने की कोशिश की थी। हालांकि, बाद में खुलासा हुआ कि दूतावास में लगी आग कई घंटों तक जलती रही जिससे इमारत के कई हिस्सों को अपूरणीय क्षति हुई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह हमला दिन के समय हुआ होता तो जान-माल का बहुत बड़ा नुकसान हो सकता था। फिलहाल, अमेरिका और उसके सहयोगी देश इस हमले की गहन जांच कर रहे हैं ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।

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