एस. जयशंकर और इस्लामाबाद का सेरेना होटल, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

सिर्फ होटल नहीं! जयशंकर कनेक्शन से जुड़ा है सेरेना, जानें PAK ने शांति वार्ता के लिए यही जगह क्यों चुनी?

S Jaishankar Serena Hotel: इस्लामाबाद के सेरेना होटल में US-ईरान के बीच शांति वार्ता होने वाली है। दिलचस्प बात यह है कि इस होटल का संबंध भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ऐतिहासिक यात्रा से भी है।

अमन उपाध्याय

S Jaishankar Serena Hotel Islamabad Connection: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच पूरी दुनिया की निगाहें अब पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पर टिकी हैं। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया संघर्षविराम के बाद, अब ये तीनों देश एक मेज पर बैठकर शांति की दिशा में कदम बढ़ाने जा रहे हैं।

इस महावार्ता का गवाह बनने जा रहा है इस्लामाबाद का मशहूर 5-स्टार सेरेना होटल। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस जगह पर दुनिया का भविष्य तय होने वाला है उसका भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी एक बेहद खास और ऐतिहासिक संबंध है?

एस. जयशंकर से क्या सेरेना होटल का नाता?

दरअसल, यह वही होटल है जहां अक्टूबर 2024 में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपनी ऐतिहासिक पाकिस्तान यात्रा के दौरान रुके थे। 15-16 अक्टूबर 2024 को एस जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 'काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट' (CHG) बैठक में शामिल होने के लिए इस्लामाबाद पहुंचे थे। 2015 के बाद किसी भी भारतीय विदेश मंत्री की यह पहली पाकिस्तान यात्रा थी जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उस यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक क्षण तब आया जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने विदेशी मेहमानों के लिए एक अनौपचारिक डिनर का आयोजन किया। यह भव्य कार्यक्रम इसी सेरेना होटल में हुआ था, जहाँ डॉ. जयशंकर और शहबाज शरीफ के बीच शिष्टाचार भेंट और संक्षिप्त बातचीत हुई थी।

क्यों खास है सेरेना होटल?

इस्लामाबाद का सेरेना होटल अपनी पारंपरिक इस्लामी और पाकिस्तानी वास्तुकला के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यह मारगल्ला पहाड़ियों और रावल झील के शांत वातावरण के पास स्थित है। 387 कमरों वाला यह होटल 'The Leading Hotels of the World' का सदस्य है और इसे पाकिस्तान के सबसे सुरक्षित 'डिप्लोमेटिक रेड जोन' के पास बनाया गया है। अपनी आधुनिक सुविधाओं और अभेद्य सुरक्षा प्रणाली के कारण ही इसे अक्सर हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं के लिए चुना जाता है।

किले में तब्दील हुआ होटल

अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता को देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने इस होटल को पूरी तरह से एक कूटनीतिक किले में बदल दिया है। होटल के जनरल मैनेजर क्रिस्टोफ होएफलिच ने एक नोटिस जारी कर बताया कि सरकार ने इस 'महत्वपूर्ण कार्यक्रम' के लिए 8 अप्रैल 2026 से ही होटल को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

सभी मेहमानों को रविवार शाम तक चेक-आउट करने का आदेश दिया गया है ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो। आज जब अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि इसी होटल के उसी हॉल में बैठेंगे जहां कभी भारतीय विदेश मंत्री का स्वागत हुआ था तो यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह स्थान दुनिया को युद्ध की आग से बचाने में सफल हो पाता है।

अखिलेश के दावे इमरान मसूद का जवाब, बोले- राहुल गांधी और BJP के बीच असली लड़ाई, बाकी सब सहयोगी

जापान दौरे पर पीयूष गोयल का मेगा निवेश मिशन, टोयोटा-SMBC समेत दिग्गज कंपनियों से भारत में निवेश पर बड़ी चर्चा

Explainer: जिनपिंग के भारत आने पर क्यों छाया सस्पेंस? पहले भी दे चुके हैं धोखा, इस बार क्या है बीजिंग का इरादा

JPSC भर्ती घोटाले का सबसे बड़ा खुलासा! 12 लाख में बिकती थीं CDPO सीटें, CID के सामने अभय तिवारी का कबूलनामा

इत्र कारोबारियों की चमकी किस्मत! रेलवे ने हटाया सालों पुराना बैन, अब देशभर में महकेगी खुशबू