रोमानिया के गलाती शहर में रूसी ड्रोन रिहायशी इमारत से टकराया, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

रोमानिया की रिहायशी इमारत पर गिरा रूसी ड्रोन, नाटो तक पहुंची यूक्रेन युद्ध की आग; दुनिया में बढ़ी टेंशन

Russian Drone Strike Romania: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रोमानिया में एक रूसी ड्रोन रिहायशी इमारत से टकराया, जिसमें दो लोग घायल हो गए। इस घटना ने नाटो देशों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अमन उपाध्याय

Russian Drone Strike Romania Galati City: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध की आंच अब आधिकारिक तौर पर NATO सदस्य देशों की सीमाओं के भीतर तक पहुंच गई है। शुक्रवार को रोमानिया के गलाती शहर में एक रूसी ड्रोन एक रिहायशी अपार्टमेंट से टकरा गया, जिससे न केवल इमारत को नुकसान पहुंचा बल्कि दो नागरिक भी घायल हो गए। यूक्रेन पर रूस के बड़े हमले के बाद यह पहली बार है जब यूक्रेन के बाहर किसी रिहायशी इमारत को इस युद्ध से जुड़े ड्रोन ने सीधे तौर पर निशाना बनाया है।

नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा

रोमानियाई रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह हमला 28-29 मई की दरमियानी रात को हुआ, जब रूस डेन्यूब नदी के किनारे स्थित यूक्रेनी ठिकानों पर ड्रोनों की बौछार कर रहा था। इसी दौरान एक रूसी ड्रोन रोमानियाई हवाई क्षेत्र में घुस गया और रडार की पकड़ में आने के बावजूद गलाती शहर के केंद्र में स्थित एक अपार्टमेंट की छत पर जा गिरा।

इसके बाद इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में एक 14 वर्षीय लड़का और एक 53 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। रोमानियाई अधिकारियों ने इस घटना को मास्को द्वारा एक गंभीर और गैर-जिम्मेदाराना उकसावा करार दिया है।

क्या लागू होगा नाटो का आर्टिकल 5?

अब इस हमले से पूरे यूरोप में एक नई चिंता पैदा हो गई है। क्या यह हमला नाटो को अपने आर्टिकल 5 का उपयोग करने के लिए मजबूर करेगा? बता दें कि आर्टिकल 5 नाटो का सामूहिक रक्षा खंड है, जिसके तहत किसी भी एक सदस्य देश पर हमला सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाता है। यूरोपीय संघ और नाटो ने रोमानियाई हवाई क्षेत्र के उल्लंघन की कड़ी निंदा की है और रूस को भविष्य में ऐसी घुसपैठ के खिलाफ चेतावनी दी है।

महज 4 मिनट का समय

रोमानियाई वायु सेना ने क्षेत्र में कई ड्रोनों का पता लगाने के बाद तुरंत अपने दो F-16 लड़ाकू जेट रवाना किए। हालांकि, अधिकारियों ने स्वीकार किया कि उनके पास ड्रोन को सुरक्षित रूप से रोकने के लिए पर्याप्त समय नहीं था। जॉइंट फोर्सेज कमांड के जनरल घेओघे मैक्सिम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ड्रोन की गति और प्रक्षेपवक्र के कारण उनके पास प्रतिक्रिया देने के लिए केवल चार मिनट का समय था।

रोमानियाई राष्ट्रपति निकोसोर दान ने बताया कि ड्रोन को हवा में न गिराने का निर्णय जानबूझकर लिया गया था, ताकि जमीन पर मौजूद आम नागरिकों की जान को जोखिम में डालने से बचा जा सके। युद्ध की शुरुआत के बाद से रोमानियाई सीमा में कई बार ड्रोन घुसपैठ हुई है, लेकिन यह पहला मामला है जहां किसी नागरिक इमारत को सीधा नुकसान पहुंचा है।

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