पुर्तगाल आवासीय संकट के विरोध में प्रदर्शन करते लोग (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

फ्रांस और इटली के बाद रोनाल्डो के देश में भड़की हिंसा, सड़कों उतरे लाखों लोग, महंगे मकान बनी वजह

Portugal Protest: पुर्तगाल के कई शहरों में बढ़ते किराये, आवास संकट और महंगाई के खिलाफ हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।

अक्षय साहू

Highlights:

  • पुर्तगाल के कई शहरों में हजारों लोगों ने आवास संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया।

  • प्रदर्शनकारियों ने बढ़ते किराये और महंगाई से राहत देने की मांग की।

  • बड़े रियल एस्टेट निवेश फंडों पर सख्त नियम लागू करने की अपील की।

Portugal Housing Crisis: इटली और फ्रांस की तर्ज पर पुर्तगाल में भी शनिवार को हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। आवास संकट, बढ़ते किराये और महंगाई से परेशान लोगों ने सरकार से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। लिस्बन के अलावा पोर्टो, कोयम्ब्रा और देश के अन्य शहरों में भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे। यूरोप के कई देशों में इन दिनों आवास की बढ़ती लागत और महंगाई के खिलाफ इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मकानों की कीमतें और किराया लगातार बढ़ने से आम लोगों के लिए घर खरीदना या किराये पर रहना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने सरकार से किफायती आवास की व्यवस्था करने और महंगाई पर लगाम लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।

रियल एस्टेट निवेश फंडों पर सख्त कानून की मांग

समाचार एजेंसी सिन्‍हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी लिस्बन में हजारों लोग शहर के केंद्र में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने वहां तंबू लगाए और बैनर लेकर विरोध जताया। इन बैनरों के जरिए रियल एस्टेट में निवेश करने वाले बड़े फंडों पर सख्त नियम लागू करने की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बड़े निवेश फंडों की गतिविधियों के कारण संपत्तियों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके चलते आम लोगों के लिए अपना घर खरीदना पहले से कहीं अधिक कठिन हो गया है। लोगों ने सरकार से इस समस्या पर ध्यान देने और आवास बाजार को आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाने की मांग की।

पोर्टो में पुलिस कार्रवाई का भी उठा मुद्दा

लिस्बन में प्रदर्शन के दौरान कुछ बैनरों पर पोर्टो में गुरुवार तड़के हुई पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया गया। उस दौरान पुलिस ने आवास अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को वहां से हटाया था।

प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई के विरोध में 'सिर मत फोड़ो, घर उपलब्ध कराओ' जैसे नारे लिखे बैनर उठाए। स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस कार्रवाई में 37 लोग घायल हुए थे, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई गई। इस घटना का जिक्र करते हुए प्रदर्शनकारियों ने आवास की समस्या के समाधान के साथ-साथ अपने अधिकारों के सम्मान की मांग भी उठाई।

पुर्तगाल में 16.6 लाख लोग गरीबी के खतरे में 

समाचार एजेंसी सिन्‍हुआ के अनुसार, पुर्तगाल के राष्ट्रपति एंटोनियो जोस सेगुरो ने कहा कि किसी लोकतांत्रिक समाज में गरीबी को किस्मत या मजबूरी मानकर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

राष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी संदेश में उन्होंने बताया कि पुर्तगाल में अब भी लगभग 16.6 लाख लोग गरीबी के जोखिम का सामना कर रहे हैं। हालांकि, वर्ष 2015 के बाद यह पहला मौका है, जब गरीबी के खतरे में रहने वाले लोगों की संख्या 20 लाख से नीचे आई है।

विरोध प्रदर्शन सरकार के लिए बड़ी चुनौती

सेगुरो ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सभी लोगों को जरूरी सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए अभी और प्रयास किए जाने की जरूरत है। उनके बयान के बीच देश में आवास संकट और महंगाई को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन सरकार के सामने बढ़ती सामाजिक चुनौतियों को भी उजागर करते हैं। 

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