फ्रांस में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा, सरकारी इमारतों और दुकानों पर हमले, 400 से अधिक प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

Laurent Nunez Macron Riots: फ्रांस के कई शहरों में महंगाई और छात्र मांगों को लेकर हुए प्रदर्शनों में हिंसा भड़की। गृह मंत्री के मुताबिक, करीब 400 लोग गिरफ्तार हुए और 60 सुरक्षाकर्मी घायल हुए।
France Protests Violence
फ्रांस में हिंसक विरोध प्रदर्शन(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • फ्रांस के कई शहरों में महंगाई और छात्र मांगों को लेकर प्रदर्शन हुए।

  • गृह मंत्री के मुताबिक, प्रदर्शनों के दौरान करीब 400 लोग गिरफ्तार किए गए।

  • अधिकारियों के अनुसार, हिंसा में आंतरिक सुरक्षा बलों के 60 जवान घायल हुए।

  • पेरिस में 10 से अधिक मेट्रो लाइनों का संचालन अस्थायी रूप से रुका।

France Protests Violence: फ्रांस के कई शहरों में शनिवार को विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और झड़पों की घटनाएं सामने आईं। देश के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के मुताबिक, पूरे फ्रांस में आयोजित इन प्रदर्शनों में लगभग 5.5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। बढ़ती महंगाई के विरोध और छात्रों की मांगों के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे।

फ्रांसीसी मीडिया बीएफएमटीवी की रिपोर्ट के हवाले से सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि गृह मंत्री नुनेज ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं की कड़ी निंदा की। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक करीब 400 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, शनिवार को आंतरिक सुरक्षा बलों के 60 जवान घायल हुए।

फ्रांस में क्यो हो रहे हैं प्रदर्शन?

फ्रांसीसी मीडिया की खबरों के मुताबिक, विरोध प्रदर्शन में किसानों, जलवायु कार्यकर्ताओं, ट्रेड यूनियनों और छात्रों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने ईंधन की बढ़ती कीमतों, महंगाई, शिक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए अपनी मांगें रखीं।

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सरकारी इमारतों को बनाया निशाना

गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि प्रदर्शनों के दौरान कई सार्वजनिक इमारतों, पुलिस थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर हमले किए गए। उनके अनुसार, मार्सेय, लिली, कैले और एंजे में स्थित नगर भवनों में घुसने या वहां प्रवेश करने की कोशिश की गई। इसके अलावा, बोर्दो समेत कई अन्य स्थानों पर प्रशासनिक कार्यालयों को भी निशाना बनाया गया।

नुनेज ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने विरोध प्रदर्शन की आड़ में हिंसा और लूटपाट की। कई शहरों में दुकानों को लूटा गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

परिवहन और संग्रहालयों की सेवाएं प्रभावित

सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनों और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों का असर फ्रांस की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी देखने को मिला। पेरिस की परिवहन सेवा आरएटीपी ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि शहर की 10 से अधिक मेट्रो लाइनों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इस दौरान कई मेट्रो स्टेशन भी बंद रहे।

वहीं, प्रदर्शन के चलते प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों पर भी प्रतिबंध लगाए गए। लौवर संग्रहालय ने शनिवार को आने वाले पर्यटकों की संख्या सीमित कर दी। दूसरी ओर, ऑरांजेरी संग्रहालय में केवल उन आगंतुकों को प्रवेश की अनुमति दी गई, जिन्होंने पहले से टिकट या बुकिंग करा रखी थी।

मैक्रों ने दी कार्रवाई की चेतावनी दी

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा की आलोचना करते हुए स्पष्ट किया कि देश में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। सिन्हुआ के अनुसार, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि तोड़फोड़ करने, सरकारी कार्यालयों और कारोबारों पर हमला करने तथा नगर भवनों में लूटपाट करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें सजा मिलेगी।

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मैक्रों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे अधिकारियों के प्रति समर्थन भी जताया। उन्होंने कहा कि अराजकता फैलाने और संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ देश एकजुट रहेगा। राष्ट्रपति के मुताबिक, ऐसे तत्व शांतिपूर्ण तरीके से अपनी शिकायतें और मांगें रखने वाले लोगों के अधिकारों में भी बाधा डालते हैं। -एजेंसी इनपुट के साथ

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