पीओके में छात्र प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

PoK में जेन-जी का विद्रोह प्रदर्शन...मुनीर ने छात्रों पर चलवाई गोलियां, देखें क्रूरता का VIDEO

Pakistan: पाक अधिकृत जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालय में शांतिपूर्ण विरोध हिंसक हुआ जब संदिग्ध, आईएसआई से जुड़े, छात्रों पर गोलीबारी की। एक घायल, राजा मामून फहद फरार, पुलिस मौजूद।

अक्षय साहू

Pok Student Protest: पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालय के छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन उस समय हिंसक रूप धारण कर  लिया, जब कुछ संदिग्ध व्यक्तियों ने छात्रों पर गोलीबारी की। बताया जा रहा है कि सभी संदिग्ध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े थे। इस गोलीबारी में एक छात्र घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजा मामून फहद नामक व्यक्ति ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं और घटनास्थल से फरार हो गया।

यह घटना एजेके (पीओके) पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई। इस हमले ने विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को सीधे चुनौती दी और वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

अगस्त में हुए थें हिंसक प्रदर्शन

इससे पहले, इसी साल अगस्त में पीओके में पाकिस्तानी सरकार और सेना के खिलाफ अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसने क्षेत्र में भूचाल ला दिया था। ये प्रदर्शन संयुक्त अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के नेतृत्व  तब में तेज हुए, जब हजारों लोग सड़कों पर उतरे। मुजफ्फराबाद, डैडयाल, बाघ, रावलकोट और पूंछ जैसे जिलों में हड़ताल और लॉन्ग मार्च ने जनजीवन को ठप कर दिया। प्रदर्शनकारियों के 38-सूत्री मांग-पत्र में सस्ता आटा, बिजली दरों में कमी, प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय अधिकार, और शरणार्थियों के लिए आरक्षित सीटों को समाप्त करने की मांगें शामिल थीं।

आर्थिक संकट, भ्रष्टाचार और सैन्य दमन के कारण यह आंदोलन उभरा। पाकिस्तान की खराब अर्थव्यवस्था ने पीओके के निवासियों को महंगाई और बेरोजगारी के संकट में डाल दिया। सैन्यीकरण की नीति ने असंतोष को बढ़ाया, और प्रदर्शनकारियों ने ‘पाकिस्तानी सेना मुर्दाबाद’ और ‘कश्मीर हमारा है, फैसला हम करेंगे’ जैसे नारे लगाए। कुछ युवाओं ने सेना के वाहनों को आग लगाई और सैनिकों पर हमले किए।

प्रदर्शनकारियों के सामने झुकी सरकार

पाकिस्तानी सेना ने क्रूर तरीके से इसका जवाब दिया। 1-2 अक्टूबर को मुजफ्फराबाद में गोलीबारी में 12 नागरिक मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए। इंटरनेट और संचार पर प्रतिबंध लगाया गया। 4 अक्टूबर को पाक सरकार ने समझौता किया, जिसमें सब्सिडी, बिजली सुधार और मृतकों के लिए मुआवजा शामिल था, लेकिन शक बरकरार है। भारत ने इसे पाकिस्तान के अवैध कब्जे का परिणाम बताया। वैश्विक स्तर पर ब्रिटिश कश्मीरियों ने बर्मिंघम में विरोध जताया।

विवाद के बाद ECI ने फॉर्म 6 में किया बदलाव, SIR से जुड़ा Annexure-D को हटाया; लेकिन इन राज्यों में रहेगा जारी

INDIA Bloc Meeting: EVM से बैलेट पेपर तक, राहुल के सारे सबूत गए बेकार, अब खरगे ने रखीं चुनाव सुधार की 6 मांगें

भारत में आएं और निवेश करें...अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स से बोले मंत्री पीयूष गोयल, SME पार्टनरशिप का दिया न्योता

CAFE-III Norms: 2027 से बदलेंगे कारों के फ्यूल एफिशिएंसी नियम, जानें नई गाड़ियों पर क्या होगा असर

अंबानी के नाम से BJP को कोसती थी सपा, अब रिलायंस के प्रेसिडेंट को ही दिया राज्यसभा टिकट, कौन हैं धनराज नथवानी?