PM Modi Visit Italy After Nordic Summit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने यूरोप दौरे के अगले और अंतिम चरण में आज इटली पहुंच रहे हैं। यहां वह अपनी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के साथ कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक और रणनीतिक विषयों पर द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस खास मुलाकात से पहले पीएम मोदी ने नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया है। यह विदेश यात्रा वैश्विक सुरक्षा के मौजूदा हालात और आपसी आर्थिक प्राथमिकताओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए बेहद अहम है।
इटली दौरे के दौरान दोनों वैश्विक नेताओं के बीच रक्षा और विशेष सुरक्षा सहयोग को नई गति देने पर बातचीत होगी। इसके साथ ही ऊर्जा सुरक्षा, द्विपक्षीय व्यापार, भारी निवेश और इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर पर भी विस्तृत चर्चा की उम्मीद है। इन अहम वार्ताओं के जरिए भारत और इटली के बीच की पुरानी रणनीतिक साझेदारी को एक बिल्कुल नया मुकाम हासिल होगा। इससे पहले पीएम मोदी ने ओस्लो में आइसलैंड, फिनलैंड, डेनमार्क और स्वीडन के नेताओं के साथ भी बहुत खास द्विपक्षीय बैठकें की हैं।
प्रधानमंत्री के इस अहम दौरे का एक बड़ा मकसद भारत और नॉर्डिक देशों के रिश्तों को अधिक रणनीतिक रूप देना है। इसके तहत मुख्य रूप से आधुनिक टेक्नोलॉजी, नए इनोवेशन, ग्रीन ट्रांजिशन और रिन्यूएबल एनर्जी के साझा विकास पर पूरा जोर दिया गया है। सस्टेनेबिलिटी, ब्लू इकोनॉमी, मजबूत डिफेंस, स्पेस मिशन और आर्कटिक क्षेत्र में भी एक-दूसरे का पूरा सहयोग करने का बड़ा संकल्प लिया गया है। सोमवार को पीएम मोदी ने नॉर्वे के ओस्लो में महत्वपूर्ण इंडिया-नॉर्वे बिजनेस और रिसर्च शिखर सम्मेलन में भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। वहां उन्होंने बताया कि भारत-ईएफटीए ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट लागू होने के बाद आर्थिक सहयोग बहुत तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने नॉर्वे की बड़ी कंपनियों को भारत में हुए शानदार कराधान और श्रम सुधारों के आधार पर भारी निवेश करने के लिए खास तौर पर आमंत्रित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर बताया कि नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के साथ उनकी बातचीत बेहद सार्थक रही है। इस बड़ी वार्ता का मुख्य आकर्षण अपनी पुरानी द्विपक्षीय साझेदारी को एक नई हरित रणनीतिक साझेदारी में पूरी तरह से उन्नत करना था। इस ऐतिहासिक कदम से भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा, सतत मजबूत विकास, नीली अर्थव्यवस्था और हरित जहाजरानी के विशाल क्षेत्र में काफी ज्यादा सहयोग बढ़ेगा।
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दोनों देशों के दिग्गज नेताओं ने इनोवेशन, आधुनिक अनुसंधान, बेहतरीन शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के नए तरीकों पर भी गहरी चर्चा की। इसके अलावा कौशल विकास में संबंधों को मजबूत करने और नॉर्वे का इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव में शामिल होना बहुत ही सुखद विषय है। आज जब दुनिया में खाद्य, महंगा ईंधन और उर्वरक सुरक्षा बड़ी चुनौती हैं, तब भारत और नॉर्वे मिलकर इस गंभीर समस्या का स्थायी हल निकाल रहे हैं।