प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी (सोर्स-सोशल मीडिया) 
विदेश

India Italy Relations: 'मेलोडी' रील से इतर समझें हकीकत, आखिर भारत के लिए क्यों गेमचेंजर साबित होगा इटली?

India Italy Relations: मोदी-मेलोनी की मुलाकात 'मेलोडी' से आगे बढ़कर भारत-इटली संबंध मजबूत करती है। व्यापार, रक्षा और आर्थिक विकास के लिए साल 2029 तक 2.25 लाख करोड़ का अहम लक्ष्य है।

प्रिया सिंह

Strategic India Italy Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की हालिया मुलाकात सोशल मीडिया पर छाई है। 'मेलोडी' नाम से मशहूर इन दोनों नेताओं की दोस्ती एक मजबूत भारत-इटली संबंध की नई नींव रख रही है। इस मुलाकात में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया है।

यह अहम कूटनीतिक दौरा केवल वायरल सेल्फी या टॉफी तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार और रक्षा के लिए खास है। दोनों देशों के बीच तकनीक, अंतरिक्ष और कई वैश्विक मुद्दों पर बहुत ही सकारात्मक व गंभीर चर्चा हुई है। यह शानदार साझेदारी भारत के भविष्य और आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

 मोदी-मेलोनी का 'मेलोडी' वायरल सफर

पीएम मोदी ने मेलोनी को 'मेलोडी' टॉफी गिफ्ट की, जिसका वीडियो 100 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है। सबसे पहले मेलोनी ने दिसंबर 2023 में दुबई में कॉप-28 समिट के दौरान 'मेलोडी' शब्द का इस्तेमाल किया था। तब से यह इंटरनेट पर एक लोकप्रिय मीम और दोनों की गहरी दोस्ती का प्रतीक बन गया है। रोम पहुंचने पर मोदी और मेलोनी ने शानदार टेरेस पर 'गोल्डन ऑवर' के मनमोहक दृश्य के दौरान मुलाकात की। डिनर के बाद दोनों नेताओं ने ऐतिहासिक स्मारक कोलोसियम का दौरा किया और एक सेल्फी भी ली। इस दौरान उन्होंने कई वैश्विक विषयों पर और आपसी सहयोग बढ़ाने पर अपनी अनौपचारिक चर्चा की।

इटली-भारत के व्यापार में बड़ा उछाल

इटली यूरोपीय संघ में भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है जो कि आर्थिक रूप से काफी अहम है। साल 2025 में दोनों देशों के बीच कुल 1 लाख 60 हजार करोड़ रुपये का भारी कारोबार हुआ था। इस दौरान भारत ने इटली को 96045 करोड़ रुपये का निर्यात किया, जो 2024 की तुलना में 9.42% अधिक है। वहीं भारत ने इटली से लगभग 64 हजार 28 करोड़ रुपये के सामान का आयात भी किया है। अब दोनों देशों का लक्ष्य साल 2029 तक इस व्यापार को 2 लाख 25 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाना है। यह लक्ष्य भारत की विदेशी मुद्रा बढ़ाने और डॉलर की भारी जरूरत पूरी करने में बहुत ही मददगार होगा।

निवेश और सर्विस सेक्टर में दोनों देशों की साझेदारी

साल 2025 में दोनों देशों के बीच सेवाओं का व्यापार 15 हजार करोड़ रुपये रहा जो 19.94% बढ़ा है। इटली में रहने वाले भारतीयों ने 6672 करोड़ रुपये भारत भेजे हैं जो पिछले साल से 32.8% ज्यादा है। विदेशी निवेश की बात करें तो अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 के बीच इटली का 41 हजार करोड़ निवेश है।इस निवेश में सबसे ज्यादा 29.8% ऑटोमोबाइल, 17.1% ट्रेडिंग और 5.6% औद्योगिक मशीनरी सेक्टर में लगा है।

दोनों देश इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर को आगे बढ़ाने पर भी तेजी से काम कर रहे हैं। इससे भारत का व्यापार खाड़ी देशों के जरिए यूरोप से सीधे जुड़ जाएगा जो लाभदायक होगा। इटली रक्षा क्षेत्र में भी भारत के साथ करीब आ रहा है और पाकिस्तान को हथियार न बेचने पर सहमत है। सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए भी भारत को इटली का पूरा और मजबूत साथ मिल रहा है। इसके साथ ही दोनों देश मिलकर अब रक्षा, एआई और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी साथ काम करने वाले हैं।

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