फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने हमास को दी आखिरी चेतावनी, फोटो (सो.सोशल मीडिया) 
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हमास का अंत नजदीक! फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने दी आखिरी चेतावनी, कहा- हथियार डालो वरना...

Israel Hamas War: फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने हमास से अपने हथियार छोड़ने की अपील की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि गाजा में हमास को किसी भी तरह की भूमिका नहीं दी जाएगी।

अमन उपाध्याय

Hamas Surrender Weapons: फिलिस्तीन को लगातार कई देशों से एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता मिल रही है। अब कनाडा, फ्रांस, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े देश भी इस सूची में शामिल हो गए हैं। इसी बीच हमास को लेकर भी अहम खबर सामने आई है। फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने हमास और उससे जुड़े अन्य गुटों से अपील की है कि वे अपने हथियार फिलिस्तीनी प्राधिकरण के हवाले कर दें और आत्मसमर्पण करें।

फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने हमास और उससे जुड़े संगठनों को तुरंत अपने हथियार जमा करने की अपील की है। उन्होंने साफ कहा कि गाजा में हमास की अब कोई भूमिका नहीं होगी और सभी हथियार फिलिस्तीनी अथॉरिटी को सौंपने होंगे। अब्बास संयुक्त राष्ट्र की शांति सम्मेलन को ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे, क्योंकि अमेरिका ने उन्हें वीजा जारी नहीं किया।

इज़रायल पर हमले की आलोचना

द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने हमास और उससे जुड़े गुटों को हथियार डालने की अपील करने के साथ ही 7 अक्टूबर को इज़रायल पर हुए हमले की निंदा भी की है। अब्बास ने कहा कि हम 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा की गई कार्रवाई, जिसमें नागरिकों की हत्या और अपहरण शामिल है, की कड़ी निंदा करते हैं। गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को हमास के लड़ाकों ने इज़रायल की सीमा में प्रवेश कर 1200 से अधिक लोगों की हत्या कर दी थी। इसके अलावा, सैकड़ों इज़रायली नागरिकों का अपहरण कर उन्हें गाजा ले जाया गया था।

152 देश फिलिस्तीन को दे चुके मान्यता

इटली में मेलोनी सरकार के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। दरअसल, अब तक 152 देश फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं। हाल ही में फ्रांस ने भी औपचारिक रूप से फिलिस्तीन को मान्यता दी। इससे पहले ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी यह कदम उठा चुके हैं। लेकिन यूरोप इस मुद्दे पर बंटा हुआ नजर आ रहा है। इटली ने फिलिस्तीन को मान्यता देने से इनकार किया, जिसके बाद वहां की सड़कों पर लोगों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं।

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