Khawaja Asif on BLA Attacks: बलूचिस्तान में जारी संघर्ष को लेकर पाकिस्तान सरकार का कबूलनामा सामने आया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में बयान देते हुए माना कि पाकिस्तानी सेना बलूच लिब्रेशन आर्मी (BLA) का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने में असफल रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति पाकिस्तान के नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। ख्वाजा आसिफ ने कहा कि बीएलए के लड़ाके अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं, जिनमें आधुनिक राइफलें, नाइट विजन डिवाइस, हीट-डिटेक्टिंग लेजर और महंगा फुल कॉम्बैट गियर शामिल है ऐसे हथियार जो कई मामलों में पाकिस्तानी सेना के पास भी उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इन उपकरणों की कीमत हजारों डॉलर में है, जिससे विद्रोहियों की सैन्य क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ख्वाजा आसिफ के मुताबिक, बलूचिस्तान पाकिस्तान के कुल भू-भाग का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है और इतना विशाल क्षेत्र होने के कारण वहां निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि सेना के जवान लगातार गश्त और ऑपरेशनों के कारण शारीरिक रूप से थक चुके हैं और हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि सेना अब केवल अपने जवानों के जनाज़े उठा रही है।
बीएलए ने दावा किया है कि बीते तीन दिनों के संघर्ष में उसने 200 से अधिक पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों को मार गिराया है और बलूचिस्तान के 15 से अधिक शहरों में नियंत्रण स्थापित किया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सरकार ने हालात पर पूरी तरह नियंत्रण न होने की बात स्वीकार की है।
ख्वाजा आसिफ ने आरोप लगाया कि विद्रोही समूह पंजाबी मजदूरों, आम नागरिकों और कम आय वाले समुदायों को निशाना बना रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि विद्रोहियों के पास उन्नत अमेरिकी हथियार मौजूद हैं। इसके बावजूद उन्होंने बीएलए को “आतंकवादी संगठन” बताते हुए किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार किया और कहा कि महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाने वालों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
रक्षा मंत्री की यह स्वीकारोक्ति पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है, खासकर ऐसे समय में जब बलूचिस्तान में अलगाववादी आंदोलन तेज होता जा रहा है और सरकार स्थिति संभालने में असमर्थ दिखाई दे रही है।