पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर खुद को बना रहे हैं सुपर कमांडर, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
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'साइलेंट कूप' की आहट! पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर खुद को बना रहे हैं सुपर कमांडर, टेंशन में शहबाज

Asim Munir News: पाकिस्तान की संसद में रविवार को 27वें संवैधानिक संशोधन का ड्राफ्ट पेश किया गया है। अगर यह पास हो गया तो सेना प्रमुख आसिम मुनीर की शक्ति प्रधानमंत्री से भी ऊपर हो जाएगी।

अमन उपाध्याय

Pakistan Army Chief Power:  पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर अब इतिहास के सबसे शक्तिशाली सैन्य नेता बनने की ओर बढ़ रहे हैं। रविवार को संयुक्त संसदीय समिति ने 27वें संवैधानिक संशोधन को मंजूरी दे दी, जिसे सोमवार को पाकिस्तानी सीनेट में पेश किया गया। यह संशोधन न केवल उन्हें तीनों सेनाओं का सर्वोच्च कमांडर बनाएगा बल्कि कानूनी कार्रवाई से आजीवन छूट और परमाणु संपत्तियों पर नियंत्रण भी देगा।

वर्तमान में संविधान संशोधन को पास करने के लिए सीनेट में 64 वोटों की जरूरत होती है। शहबाज शरीफ सरकार के पास अभी 61 सीटें हैं, जबकि विपक्षी वोटों के बिना यह प्रस्ताव पारित नहीं हो सकता। फिर भी, कानून मंत्री आजम तारार ने दावा किया है कि आवश्यक समर्थन जुटा लिया गया है।

तीनों सेनाओं से ऊपर होगा नियंत्रण

संविधान में यह संशोधन पारित होते ही आसिम मुनीर 'चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF)' बन जाएंगे यह पद अब तक मौजूद नहीं था। यह पद तीनों सेनाओं से ऊपर होगा और पाकिस्तान के नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड, यानी परमाणु हथियारों की देखरेख करने वाले संगठन, पर भी उनका पूर्ण नियंत्रण रहेगा। यह कदम 1971 के युद्ध और उसके बाद बने हमूदुर रहमान आयोग की सिफारिशों के उलट है, जिसने नागरिक और सैन्य सत्ता में संतुलन बनाने की बात कही थी। लेकिन मुनीर ने उलटा रास्ता अपनाया है उन्होंने सेना को पूर्ण सत्ता के केंद्र में ला दिया है।

दो हिस्सों में बंट जाएगी न्यायपालिका

संशोधन में 'फेडरल कॉन्स्टिट्यूशनल कोर्ट' के गठन का भी प्रस्ताव है, जिससे पाकिस्तान की न्यायपालिका दो हिस्सों में बंट जाएगी। इससे स्पष्ट नहीं है कि देश का वास्तविक मुख्य न्यायाधीश कौन होगा। राजनीतिक रूप से कमजोर शहबाज शरीफ सरकार मुनीर के लिए रास्ता आसान बना रही है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी (पीपीपी) को खुश करने के लिए संशोधन में यह भी जोड़ा गया है कि उन्हें भी आजीवन कानूनी छूट मिलेगी। इसी अनुच्छेद में मुनीर को भी राष्ट्रपति के समान आजीवन विशेषाधिकार दिया गया है।

सत्ता हथियाने का नया तरीका

यह पूरा घटनाक्रम जनरल जिया-उल-हक के तख्तापलट से भी खतरनाक बताया जा रहा है क्योंकि यह हिंसक नहीं, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के जरिए सत्ता हथियाने का तरीका है। वर्तमान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान जेल में हैं, और विपक्ष कमजोर है। इसलिए देश में कोई बड़ा विरोध नहीं दिख रहा। हालांकि, कुछ स्थानीय आंदोलन और पश्चिमी पाकिस्तान में चल रहे विद्रोह इस संशोधन के खिलाफ विरोध दर्ज करा सकते हैं।

भारत को क्यों सतर्क रहना चाहिए?

आसिम मुनीर अब पाकिस्तान के राजनीतिक, सैन्य और न्यायिक ढांचे के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति बनने जा रहे हैं। ऐसे में भारत को सीमा पार की हर गतिविधि पर नजर रखनी होगी। मुनीर अमेरिका और चीन दोनों से समर्थन पाने की कोशिश में हैं। माना जा रहा है कि वे पश्चिमी देशों के समर्थन के सहारे अपने शासन को वैध ठहराना चाहते हैं।

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