आसिम मुनीर की भारत को नई धमकी, फोटो (सो. सोशल मीडिया)  
विदेश

'दुश्मन पर फेंकी गई मिट्टी मिसाइल बन जाती है...', मुनीर ने भारत को दी फिर धमकी, कहा- अब युद्ध हुआ तो

Asim Munir Threat To India: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने एक बार फिर भारत के खिलाफ उकसाने वाले बयान दिए हैं। जॉर्डन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पाक सेना को अल्लाह की फौज...

अमन उपाध्याय

Pakistan Jordan Defence Ties: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अक्सर अपने विवादित और उकसाने वाले बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। एक बार फिर उन्होंने ऐसा ही बयान देते हुए न केवल पाकिस्तान की सेना को "अल्लाह की फौज" करार दिया, बल्कि भारत को भी खुली धमकी दी है।

जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के सम्मान में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में आसिम मुनीर ने अपनी सेना की क्षमताओं का बढ़ाचढ़ाकर बखान किया और धार्मिक भावनाओं को जोड़ते हुए एक बार फिर झूठे दावों को दोहराया।

भारत को करारा जवाब दिया

पाकिस्तानी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को आयोजित इस लंच कार्यक्रम में मुनीर ने भारत के साथ मई 2024 में हुए कथित चार दिवसीय संघर्ष का जिक्र किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि 7 से 10 मई तक चले संघर्ष में पाकिस्तान ने भारत को करारा जवाब दिया और जीत हासिल की।

मिट्टी भी मिसाइल बन जाती है

कार्यक्रम में बोलते हुए मुनीर ने कहा कि भारत के साथ युद्ध में अल्लाह ने हमें सिर ऊंचा रखने में मदद की। जब मुसलमान अल्लाह पर भरोसा करता है तो दुश्मन पर फेंकी गई मिट्टी भी मिसाइल में बदल जाती है। उन्होंने आगे दावा किया कि पाकिस्तान सेना अपने "धार्मिक कर्तव्यों" का पालन करते हुए लड़ती है और यह सेना पूरी तरह अल्लाह की फौज है। उनके अनुसार, पाकिस्तान के सैनिक "अल्लाह के नाम पर दुश्मन से लड़ते हैं"।

मुनीर की जॉर्डन के साथ डील

इस कार्यक्रम के दौरान आसिम मुनीर ने जॉर्डन के साथ रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में स्थिरता और शांति के लिए जॉर्डन के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय दो दिन के पाकिस्तान दौरे पर थे, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, प्रशिक्षण और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाना था।

विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान पाकिस्तान के भीतर अपनी छवि मजबूत करने और सेना की आलोचनाओं से ध्यान हटाने की एक रणनीति हो सकते हैं। पाकिस्तान इस समय आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे में सेना प्रमुख द्वारा धार्मिक भावनाओं का उपयोग कर राष्ट्रीयता को उभारने की कोशिश नई नहीं है।

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