प्रतीकात्मक तस्वीर-अनियंत्रित अतंरिक्ष यान(फोटो-सोशल मीडिया) 
विदेश

सोवियत संघ के जमाने का अंतरिक्ष यान धरती पर लेकर आ रहा तबाही, वैज्ञानिक नहीं कर पा रहे नियंत्रित

धरती पर सोवियत संघ के जमाने का एक अंतरिक्ष यान तबाही लेकर आ रहा है। ये स्पेसक्राफ्ट अनियंत्रित है, क्योंकि इसका प्रक्षेपण भी फेल हो गया था। वैज्ञानिकों के अनुसार यह कहीं भी गिर सकता है।

Saurabh Pal

केप कैनवेरल: धरती पर महातबाही लेकर अंतरिक्ष यान आ रहा है। शुक्र ग्रह पर शुक्र ग्रह पर 1970 के दशक में उतरने के लिए भेजा गया सोवियत संघ के दौर का एक अंतरिक्ष यान जल्द ही अनियंत्रित होकर पृथ्वी पर वापस गिर जाएगा। इस अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण असफल हो गया था। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह यान संभवतः मई के शुरुआती दो सप्ताह में पृथ्वी पर वापस आ सकता है।

अंतरिक्ष के मलबे पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के अनुसार यह जानना अभी बहुत जल्दबाजी होगा कि धातु का आधा टन वजन मलबा कहां गिरेगा या इसका कितना हिस्सा पृथ्वी पर फिर से वापस आने पर बच जाएगा।

'उल्का पिंड गिरने जैसा जोखिम'

डच वैज्ञानिक मार्को लैंगब्रोक ने भविष्यवाणी की है कि विफल अंतरिक्ष यान 10 मई के आसपास पुनः प्रवेश करेगा। उनका अनुमान है कि यदि यह बिना टूटे रहा तो 242 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगा। लैंगब्रोक ने एक ईमेल में कहा कि हालांकि इसमें जोखिम तो है, लेकिन हमें ज्यादा चिंतित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह वस्तु अपेक्षाकृत छोटी है और यदि यह टूटती भी नहीं है, तो भी "इसका जोखिम उल्कापिंड के गिरने के समान ही है, जो हर साल कई बार होता है। आपके जीवनकाल में आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम इससे भी अधिक है।

सोवियत संघ ने 1972 में किया प्रक्षेपण

लैंगब्रोक ने कहा कि अंतरिक्ष यान के किसी व्यक्ति या चीज से टकराने की आशंका बहुत कम है, लेकिन इसे पूरी तरह से नकारा नहीं जा सकता। सोवियत संघ ने 1972 में कोसमोस 482 नामक अंतरिक्ष यान का प्रक्षेपण किया था, जो शुक्र मिशन की श्रृंखला में से एक था। लेकिन रॉकेट की खराबी के कारण यह कभी पृथ्वी की कक्षा से बाहर नहीं निकल पाया। इसका अधिकांश हिस्सा एक दशक के भीतर ही गिर गया।

क्यों फेमस है केप कैनवेरल?

बता दें कि केप कैनवेरल एक शहर है जो संयुक्त राज्य अमेरिका के फ़्लोरिडा राज्य के पूर्वी तट पर स्थित है। यह नासा का कैनेडी स्पेस सेंटर और केप कैनवेरल स्पेस फोर्स स्टेशन की वजह से प्रसिद्ध है। ये दोनों संस्थाएं अंतरिक्ष मिशन के लिए रॉकेट लॉन्चिंग और अन्य गतिविधियों के लिए जानी जाती हैं। केप कैनवेरल को दुनिया के सबसे व्यस्त स्पेसपोर्ट में से एक माना जाता है।

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