North Korea Rocket Test Update: उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य तोपखाने क्षमताओं को आधुनिक बनाते हुए 240 मिमी क्षमता वाले उन्नत मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का सफल परीक्षण किया है। गुरुवार को केसीएनए और योनहाप न्यूज एजेंसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह परीक्षण 22 सितंबर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
नए रॉकेटों में ऑटोनॉमस पिनपॉइंट गाइड सिस्टम जोड़ा गया है, जिससे इनकी अधिकतम मारक क्षमता 115 किलोमीटर तक पहुंच गई है। इस परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ अपनी दक्षिणी सीमा पर सबसे घातक और विनाशकारी हमलावर बल तैनात करने पर जोर दिया है।
उत्तर कोरिया ने 240 मिमी क्षमता वाले मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर से उन्नत रॉकेटों का परीक्षण किया। योनहाप न्यूज एजेंसी ने सरकारी मीडिया केसीएनए के हवाले से बताया कि यह परीक्षण 22 सितंबर को किया गया था।
उत्तर कोरिया के अनुसार नए रॉकेटों में ऑटोनॉमस पिनपॉइंट गाइड सिस्टम लगाया गया है, जिससे उनकी सटीकता बढ़ाने का दावा किया गया है। सामान्य बैलिस्टिक उड़ान मोड में इनकी मारक क्षमता करीब 100 किलोमीटर बताई गई है, जबकि ग्लाइड फ्लाइट वाले संयुक्त मोड में यह दूरी 115 किलोमीटर तक पहुंच सकती है।
प्योंगयांग ने दावा किया कि परीक्षण के दौरान रॉकेटों की सटीकता और प्रदर्शन की पुष्टि हुई है। यह परीक्षण देश की आर्टिलरी और मिसाइल प्रणालियों के आधुनिकीकरण की योजना का हिस्सा बताया जा रहा है।
उत्तर कोरिया के सैन्य नेतृत्व ने इस परीक्षण के बाद दक्षिणी सीमा पर अपनी मारक क्षमता को और मजबूत करने की बात कही है। वर्कर्स पार्टी के केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष पाक जोंग-चोन ने दक्षिणी सीमा पर आधुनिक और लंबी दूरी की सैन्य प्रणालियों को केंद्रित करने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया चाहता है कि उसके विरोधी उसकी आधुनिक लंबी दूरी की क्षमताओं से अवगत रहें। पिछले कुछ वर्षों में प्योंगयांग ने दक्षिण कोरिया की सीमा के नजदीक इस्तेमाल की जा सकने वाली कई आर्टिलरी और मिसाइल प्रणालियों को अपग्रेड किया है।
उत्तर कोरिया ने 2023 में दक्षिण कोरिया के साथ अपने संबंधों को 'शत्रुतापूर्ण दो राज्य' के रूप में परिभाषित किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ा है और प्योंगयांग ने दक्षिण कोरिया तक पहुंच रखने वाली अपनी मारक प्रणालियों के विकास पर जोर दिया है।
240 मिमी मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर उत्तर कोरिया की प्रमुख लंबी दूरी की आर्टिलरी प्रणालियों में शामिल है। पहले इसके पुराने संस्करण की रेंज करीब 60 किलोमीटर से अधिक बताई जाती थी।
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अनुसार 22 सितंबर को दक्षिण प्योंगान प्रांत से कई रॉकेट लॉन्च किए गए। इन प्रक्षेपणों का पता लगाने के बाद सैन्य अधिकारी उनकी उड़ान और तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण कर रहे हैं।